वृंदावन के संत प्रेमानंद सुर्खियों में आ गए, जिन्होंने अपनी कथा के दौरान लड़कियों की पवित्रता को लेकर बातें कही थीं। जिसके विरोध में कांग्रेस पार्टी की ऑल इंडिया महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अल्का लांबा ने प्रेमानंद पर सवाल उठाया। प्रेमानंद ने अपने सत्संग के दौरान बताया कि आज के दौर में 100 में से सिर्फ 4 लड़कियां पवित्र होंगी, जो कि बेहद दुखद बात है। इसी टिप्पणी के विरोध में अल्का लांबा ने बताया कि लड़कियों की पवित्रता के बारे में टिप्पणी करने का अधिकार किसने दिया। इसके साथ ही अल्का ने दावा किया कि इसी रूढ़िवादी सोच की वजह से जिन लड़कियों के साथ बलात्कार होता है, उन्हें न्याय नहीं मिल पाता।
प्रेमानंद की वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वायरल हो रही है, जिसमें वह लड़कियों की पवित्रता को लेकर बात करते हैं। उसी वीडियो को टैग करके अल्का लांबा ने लिखा, 'अगर हम औरतें इस पर कुछ कहें, तो कई नकली महाराजाओं, बाबाओं और उनके अंधे भक्तों की भावनाएं आहत हो जाएंगी। आखिरकार, कौन सी औरत इन लोगों से कैरेक्टर सर्टिफिकेट मांग रही है? अगर हम भारत की औरतें सर्टिफिकेट बांटना शुरू कर दें, तो उनमें से ज्यादातर लोगों को अपना चेहरा छिपाने की जगह भी नहीं मिलेगी।' इसके अलावा अल्का ने कुछ पत्रकारों से बात करते हुए प्रेमानंद के विचारों पर सवाल उठाए थे।
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प्रेमानंद ने क्या बोले?
प्रेमानंद ने कहा, 'बड़ा मुश्किल है, 100 में कोई दो-चार कन्या होगी, जो अपना पवित्र जीवन रखकर किसी पुरुष को समर्पित होती होगी। कैसे वह सच्ची बहू बनेगी। जो चार लड़कों से मिलती है, वह सच्ची लड़की बनेगी क्या?'
क्या बोलीं अल्का लांबा?
प्रेमानंद की बातों का विरोध जताते हुए अल्का लांबा ने कहा, 'यह पवित्रता चेक करने का कौन सा थर्मामीटर और पैरामीटर है? किसके पास है कि लड़कियों की पवित्रता चेक की जा रही है? 100 में चार लड़की पवित्र हैं, 96 पवित्र नहीं हैं। यह कब आपने जांच की और कैसे जांच की थी?'
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इसके बाद अल्का ने कहा, 'पवित्रता बताने का अधिकार, यह सर्टिफिकेट किसी को कैसे मिल जाता है, जो महिलाओं का कैरेक्टर तय कर लेते हैं। यह बेहद दुख और दुर्भाग्य की बात है कि कोई बाबा जैसे पदों पर आसीन लोगों, जिनके इतने शिष्य और अनुयायी हैं। हमने देखा है आसाराम, राम रहीम, जिन पर विश्वास करके बेटियां सौंपी थीं न, तब क्या हुआ? उनका चरित्र तो नहीं बता पाए आप। अंत वही हुआ, कोर्ट में मुकदमे चले, दोषी करार पाए गए और उम्रकैद की सजा हुई। उनका अगर चरित्र चेक लेते तो बेटियां सुरक्षित होतीं। आदमी का चरित्र आप बता नहीं पाए और बेटियों का चरित्र आप बता रहे हैं, तो यह दुख और दुर्भाग्य की बात है।'
आखिर में अल्का ने कहा, 'मुझे लगता है यह सबसे बड़ा कारण है कि जो लड़कियां बलात्कार का सामना कर रही हैं, जिन्हें न्याय नहीं मिल रहा, जिसके पीछे सबसे बड़ा कारण ऐसी सोच और ऐसे लोग भी हैं।'