logo

मूड

ट्रेंडिंग:

जमानत पर बाहर आया रेप का आरोपी, स्वागत हुआ, फिर हो गई FIR

लोग रेप के आरोपी का स्वागत वीडियो देखकर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि कैसे किसी यौन हिंसा के आरोपी का ऐसे स्वागत हो सकता है।

सुशील प्रजापति। AI एडिट। Photo Credit: ChatGPT

सुशील प्रजापति। AI एडिट। Photo Credit: ChatGPT

गाजियाबाद में एक कानून की छात्रा से बलात्कार का आरोपी, जब जेल से छूटा तो उसके समर्थकों ने उसकी अगवानी की। आरोपी हिंदू युवा वाहिनी, गाजियाबाद  का पूर्व प्रमुख है। 8 महीने जेल में रहने के बाद जब वह रिहा हुआ तो उसके समर्थक सड़कों पर उतरे, उसे फूल माला पहनाई और जोरदार स्वागत किया। स्वागत भी ऐसे हुआ, जैसे कोई पहलवान पदक जीतकर आए, तब होता है। 

सुशील प्रजापति हिंदू युवा वाहिनी से जुड़ा रहा है। 17 मई को उसकी दसना जेल से रिहाई हुई थी। जैसे ही वह जेल से बाहर आया, उसके समर्थकों ने फूलों के हार पहनाए, कंधों पर बैठाकर जुलूस निकाले। वीडियो में लोग, आरोपी का हीरो की तरह स्वागत कर रहे हैं।

 

यह भी पढ़ें: NEET छात्रा ने किडनैपिंग और रेप के लगाए आरोप, अब सामने आई शादी की तस्वीरें

'सभ्य समाज के लिए शर्म की बात'

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि यह बेहद निंदनीय है। उन्होंने लिखा कि रेप के आरोपी का फूल बरसाकर स्वागत करना सभ्य समाज के लिए शर्म की बात है। उन्होंने इसे भारतीय जनता पार्टी और सहयोगी संगठनों के लोगों की हरकत बताई। 

कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव शाहनवाज आलम ने कहा कि आरोपी का हीरो वाला स्वागत न सिर्फ शर्मनाक है, बल्कि यह खतरनाक ट्रेंड है। उन्होंने इसे हिंदुत्व के उग्र तत्वों की साजिश बताया और कहा कि सत्ता के संरक्षण में ऐसे लोग खुलकर उत्सव मना रहे हैं।  

यह भी पढ़ें: 'जिन्न उतार दूंगा', झांसा देकर इमाम ने 7 लड़कियों से रेप किया, अब हुई जेल

हंगामे के बाद क्या हुआ?

गाजियाबाद के मसूरी थाने में सुशील प्रजापति और 12 अन्य के खिलाफ चौकी प्रभारी प्रदीप कुमार ने केस दर्ज कराया है। सुशील प्रजापति पर रेप का केस दर्ज है। अब उसके साथियों पर लापरवाही से गाड़ी चलाने के भी आरोप लगे हैं। पुलिस ने कहा है कि सार्वजनिक रास्ते को भी रोकने के आरोप हैं। पुलिस पड़ताल में जुटी है। 

लोग क्या कह रहे हैं?

केके शास्त्री ने X पर लिखा, 'क्या यही योगी का तथाकथित रामराज्य है, जहां रेप के आरोपी की जेल से रिहाई के बाद उसका स्वागत किया जाता है? यह केवल एक व्यक्ति का स्वागत नहीं, बल्कि उस मानसिकता का प्रदर्शन है जो महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा के प्रति असंवेदनशीलता को दर्शाती है। किसी संगठन विशेष से जुड़ा होना किसी भी व्यक्ति को कानून और नैतिकता से ऊपर नहीं बना देता।'

अखिलेश यादव ने कहा, 'जिस अपनी वाहिनी की भूरी-भूरी प्रशंसा प्रदेश के मुख्यमंत्री जी ने अभी हाल में ही की थी, उस वाहिनी के बलात्कार के आरोपी एक बड़े पदाधिकारी की जमानत होने पर, जिस तरह उसका पुष्प वर्षा व माल्यार्पण से स्वागत हुआ है, उससे निंदनीय और कुछ नहीं हो सकता। लगता है माननीय अगला चुनाव स्वतंत्र रूप से लड़ने के लिए अपने पक्के समर्थकों को बाहर निकाल रहे हैं। अब कल को जमानत पर रिहा ये बलात्कार का आरोपी महिला आरक्षण के समर्थन में नारे लगाते दिखेगा। यही अधर्मी बीजेपी और उनके आनुषंगिक संगठनों, वाहिनी व परिषद का मूल चरित्र है।'

यह भी पढ़ें: चाचा ने अनाथ भतीजियों को बेचा, खरीदने वाले ने एक साल रेप किया और बनाए वीडियो

 

आजाद समाज पार्टी के नेता आजाद फिरोज मंसूरी ने कहा, 'जेल से रिहा होते हो रेपिस्ट बलात्कारी को फूल मालाओं से स्वागत किया। उसे कंधे पर बैठाकर सैकड़ों गाड़ियों से घर ले गए। गाजियाबाद के हिंदू वाहिनी के सदस्य सुशील प्रजापति ने 7 अगस्त 2025 को एक एलएलबी की छात्रा का चलती गाड़ी में रेप किया था।'

 

 

किस केस में 8 महीने जेल में था?

8 अगस्त 2025 को मोदीनगर की एक लॉ स्टूडेंट ने मुरादनगर थाने में सुशील प्रजापति के खिलाफ केस दर्ज कराया था। नवंबर 2021 में वह सुशील से मिली थी। गाजियाबाद में चैंबर दिलाने के नाम पर उसने लड़की को अपने जाल में फंसाया और एक दिन उसे अपने फ्लैट पर ले गया। वहीं उसने नशा की दवाई देकर उसके साथ रेप कर लिया। आरोपी ने पीड़िता को रेप के बाद सड़क किनारे फेंक दिया था। पुलिस ने सुशील प्रजापति को पकड़वाने के लिए 25 हजार का इनाम घोषित किया था। 11 अगस्त को उसे जेल हुई थी। जमानत मिली तो फिर एक बार जेल जाने का संयोग बन गया है। 


और पढ़ें