हाइवे पर गाड़ी रोक कर लोगों को समोसे खाते हुए आपने खूब देखा होगा लेकिन कभी सोचा है कि रेलवे ट्रैक पर ट्रेन का लोको पायलट ट्रेन से उतरकर समोसा खाने उतर पड़े तो क्या हो? मध्य प्रदेश में कुछ ऐसा ही हुआ है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। लोग दावा कर रहे हैं कि एक लोको पायलट ने हजारों लोगों से खचाखच भरी ट्रेन सिर्फ इसलिए रोक दी क्योंकि उसे समोसा खाना था।
ट्रेन रोकने का यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल है। वायरल वीडियो में एक लोको पायलट सड़क किनारे की एक दुकान के पास समोसा खरीदने उतरता है, समोसा लेता है और वापस अपनी सीट पर बैठ जाता है। लोको पायलट का यह वीडियो देखने के बाद लोग नाराज हैं। लोगों का कहना है कि भारतीय रेलवे इस तरह से लोगों का वक्त जाया कर रहा है, कुछ लोगों ने सुरक्षा का मुद्दा उठाकर भी रेलवे को घेरने की कोशिश की है। रेलवे अधिकारी केस की जांच में जुटे हैं कि आखिर कोई यह कैसे कर सकता है।
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कहां का है यह मामला?
वायरल वीडियो के बारे में दावा किया जा रहा है कि इंदौर-महो डेमू ट्रेन में के ड्राइवर ने यह हरकत की है। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि यह वीडियो इंदौर के पास राउ के रंगवासा रोड इलाके में रिकॉर्ड किया गया है। न्यूज एजेंसी PTI ने भी इसे शेयर किया है।
वायरल वीडियो में है क्या?
रेलवे का लोको पायलट रेलवे ट्रैक के किनारे मौजूद एक दुकान पर जाता है, समोसा खरीदता है, ट्रेन में सवार होने के लिए वापस जाता है। ट्रेन में वह शख्स, डैश पर समोसा रखता है। ट्रेन ठहरी हुई है, आसपास लोग नजर आ रहे हैं।
लोग क्या कह रहे हैं?
PTI के ही वायरल वीडियो पर लोग तरह-तरह के कॉमेंट कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, 'लोको पायलट ने ट्रेन को अपनी प्राइवेट कार समझ लिया है, कहीं भी रोके, समोसा खाकर चलता बने।' एक यूजर ने लिखा कि अगर यात्री उतरकर समोसा खा सकते हैं तो लोको पायलट कर ले तो क्या फर्क पड़ता है। कुछ लोग कह रहे हैं कि इसे बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया जा रहा है, इसमें ऐसा क्या है।
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स्थानीय लोग क्या कह रहे हैं?
स्थानीय लोगों ने कहा है कि आमतौर पर ट्रेन इस तरह से नहीं रुकती है। इंदौर-महो डेमु अक्सर उस जगह पर कुछ मिनटों के लिए रुकती है। लोको पायलट पास की दुकान से नाश्ता खरीदने के लिए उतरता है।
रेलवे ने क्या कहा है?
रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने कहा कि मामला अधिकारियों के संज्ञान में है। सीनियर अधिकारी जांच में जुटे हैं।
अगर सच हो वीडियो तो क्या हो सकता है?
रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने कहा है कि अगर जांच में यह साबित होता है कि पायलट ने बिना किसी स्टॉपेज के गलत तौर पर ट्रेन को रोका है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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वायरल वीडियो का सच क्या है?
वेस्टर्न रेलवे ने वायरल वीडियो के दावे को गलत बताया है। रेलवे ने कहा है, 'मालगाड़ी पहले ही राउ के होम सिग्नल पर रुकी थी। मरम्मत का कुछ काम होने वाला था। गाड़ी राउ यार्ड के पास थी। इसे खाना खरीदने के लिए नहीं रोका गया था।
रेलवे ने कहा, 'ट्रेन रुकी थी। असिस्टेंट लोको पायलट (ALP) ने कुछ खरीदते हुए दिखा था। यह आधिकारिक स्टॉपेज था, वह व्यक्तिगत काम के लए उतरा था, इसे गलत तरीके से पेश किया गया। दावा किया गया कि ट्रेन खाने के लिए रोक दी गई। यह गलत है। इस ट्रेन को डेमू बताया जा रहा है लेकिन यह ट्रेन मालगाड़ी है। जनता अफवाह न फैलाए।'