भारतीय टैक्सी मार्केट में जल्द ही बड़ा खेल देखने को मिल सकता है। वियतनाम की बड़ी इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) कंपनी विनफास्ट (VinFast) अब भारत में सिर्फ अपनी EV गाड़ियां बेचने तक सीमित नहीं रहने वाली। कंपनी ने टैक्सी सर्विस बिजनेस में भी जोरदार एंट्री मार दी है। इसके लिए उसने अपनी सहायक कंपनी ग्रीन एसएम शुरू की है, जो शुरुआत में उत्तर भारत के शहरों में अपनी कैब सर्विस चलाएगी। इसका किराया मात्र 8 रुपये प्रति किलोमीटर बताया जा रहा है। इस नई टैक्सी सर्विस के आने से घरेलू बाजार में पहले से काबिज ओला और उबर जैसी बड़ी कंपनियों को कड़ी टक्कर मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
इस नई शुरुआत की चर्चा तब तेज हुई जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें विनफास्ट की लिमो ग्रीन इलेक्ट्रिक MPV कारें कमर्शियल टैक्सी नंबर प्लेट (काले-पीले रंग) के साथ कतार में खड़ी दिखाई दीं। ये सभी गाड़ियां ग्रे कलर की हैं और भारतीय सड़कों पर उतरने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
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10 हजार कारों से शुरुआत
रिपोर्ट्स की मानें तो ग्रीन एसएम भारत में करीब 10,000 इलेक्ट्रिक कारों के बड़े बेड़े के साथ एंट्री करने जा रही है। कंपनी अपने बिजनेस को तेजी से बढ़ाने के लिए बड़े स्तर पर ड्राइवरों की भर्ती भी कर रही है। सबसे दिलचस्प बात ये है कि यहां ड्राइवरों को कमीशन बेस्ड कमाई नहीं, बल्कि हर महीने 35,000 रुपये से 40,000 रुपये तक की फिक्स सैलरी दी जाएगी। माना जा रहा है कि कैब सेक्टर में ये मॉडल बड़ा गेमचेंजर साबित हो सकता है।
8 प्रति किलोमीटर का किराया
इस वक्त बाजार में सबसे ज्यादा चर्चा इसी कैब सर्विस के किराए को लेकर हो रही है। खबरों की मानें तो ग्रीन एसएम अपनी टैक्सी का शुरुआती किराया सिर्फ 8 रुपये प्रति किलोमीटर रख सकती है। अभी ओला और उबर का किराया इससे कहीं ज्यादा रहता है, खासकर पीक टाइम में। ऐसे में इतने सस्ते किराए की खबर सुनकर ओला-उबर चलाने वाले ड्राइवरों की टेंशन बढ़ गई है। सोशल मीडिया पर भी कई ड्राइवर अपनी कमाई कम होने की चिंता जाहिर कर रहे हैं।
