अमेजन प्राइम पर हाल ही में वेब सीरीज 'आदर्श बाल विद्यालय' रिलीज हुई है। इस सीरीज में के के मेनन, नवीन कस्तूरिया, अर्चना पूरन सिंह, प्रसन्ना बिष्ट और अन्य कलाकार मुख्य भूमिका में हैं। इस सीरीज की जमकर तारीफ हो रही है। इस सीरीज का निर्देशन हिमांक गौर ने किया है।

 

सीरीज में सरकारी स्कूल की बदहाल स्थिति, उसमें पढ़ने वाले छात्रों और शिक्षकों की रोजमर्रा की चुनौतियों को दिखाया गया है। इस सीरीज के 7 एपिसोड है। सीरीज में कॉमेडी के साथ चरमराती शिक्षा व्यवस्था को दिखाया गया है। यह सीरीज अपने स्टारकास्ट को लेकर भी चर्चा में है। हम आपको उन कलाकारों के बारे में बता रहे हैं जिनके काम ने दर्शकों का दिल जीत लिया है।

 

यह भी पढ़ें: 'पिता की मरने में की मदद', मां-बहन आज भी नहीं करते बात, राम कपूर ने खोला राज

सीरीज में छाए ये कलाकार

के के मेनन

 

'आदर्श बाल विद्यालय' में अभिनेता के के मेनन ने ज्ञानेश्वर त्रिपाठी का रोल प्ले किया है जो सरकारी स्कूल में हेडमास्टर की भूमिका निभा रहे हैं। वह सीरियस प्रिंसिपल की भूमिका में नहीं है बल्कि बच्चों के साथ क्रिकेट खलने और पढ़ाई लिखाई में ज्यादा ध्यान देने वाले हेडमास्टर है। उन्होंने ज्यादातर फिल्मों में सीरियल रोल प्ले किए हैं। अब उनकी कॉमिक टाइमिंग ने दर्शकों का दिल जीत लिया है।

 

नवीन कस्तूरिया

 

नवीन कस्तूरिया ने मुकुल डेंगला का रोल प्ले किया जो स्कूल में काउंसलर है। उनकी एक बेटी है जिससे वह बहुत ज्यादा प्यार करते हैं। वह जिस भी किरदार को निभाते हैं उसमें छा जाते हैं।

 

अन्नपूर्णा सोनी

 

अन्नपूर्णा सोनी ने शो में शर्मा मैम का रोल निभाया है जो स्कूल के बच्चों की बायोलॉजी पढ़ाती है लेकिन खुद उन शब्दों को पढ़ने में शर्माती है। शर्मा मैम के कैरेक्टर को उन्होंने बखूबी पर्दे पर उतारा है।

 

 

यह भी पढ़ें: 'शेल्टर होम में रहती हूं', परिवार ने मुझे मेरे घर से निकाला, शिल्पा का खुलासा

 

अभिमन्यु सिंह

 

अभिमन्यु सिंह ने सीरीज में हंसराज मीना का रोल प्ले किया है। वह हिंदी के टीचर है। क्लास के बच्चे उनसे बहुत डरते हैं लेकिन वह अपने बेटियों के सपने को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। सीरीज में उनका किरदार सख्त दिखता है लेकिन अपनी कॉमेडी से लोगों को खूब मनोरंजन करता है।

 

प्रसन्ना बिष्ट

 

प्रसन्ना बिष्ट ने सीरीज में कंचन मैम का रोल प्ले किया है जो सरकारी स्कूल में बदलाव लाना चाहती है। वह एक आदर्शवादी टीचर है जो अपने स्टूडेंट्स को सही राह दिखाना चाहती है।