90 के दशक में गोविंदा अपने करियर के पीक पर थे। उनकी हर फिल्म हिट होती थी। दर्शक उनकी फिल्म के रिलीज का इंतजार करते थे लेकिन फिर एक ऐसा समय जब उनकी फिल्में चलना बंद हो गई। उनके पास काम नहीं था। इस दौरान उन पर कई आरोप लगे कि वह अभी भी सोलो फिल्में करना चाहते हैं। वह नए आइडिया को लेकर बहुत ओपन नहीं थे। वह हमेशा सेट पर लेट पहुंचते थे।

 

गोविंदा हमेशा से ज्योतिष विद्या में मानते हैं। उन्होंने हाल ही में ANI को इंटरव्यू दिया था। इस इंटरव्यू में उन्होंने खुद पर लगे आरोपों को गलत और बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा, 'ऐसा नहीं है मैंने रावण में छोटा सा रोल किया था। मैं सेट पर जल्दी पहुंच जाता था हालांकि मेरे पर्सनैलिटी को शूट नहीं करता था लेकिन मैंने सब कुछ किया। उस दौरान मैंने मणि रत्नम के कई बातें कही और जो बाद में सच भी हुई। उन्हें लगा कि मैं कुछ अलग हूं।'

 

यह भी पढ़ें: गोविंदा रूमर्ड गर्लफ्रेंड से करने वाले थे दूसरी शादी, पत्नी सुनीता का दावा

गोविंदा ने क्यों बदला था अपना नाम?

इस पर शो की होस्ट स्मिता प्रकाश ने उनसे पूछा कि क्या आप में दिव्य शक्ति है? गोविंदा ने कहा, 'नहीं, यह एक गणित शास्त्र है। इसमें ज्योतिष शास्त्र और अंक शास्त्र है। हम लोग बुरे वक्त में थे। हमें लगता था कि हम इन चीजों से कैसे बाहर निकले? मेरे भाई-बहन, दोस्त यार सब सोचते थे कि कैसे निकला जाए? उस दौरान मुझे नमांकनशास्त्र एक विषय मिल गया। मैंने कहा कि यार इसे पकड़ते हैं। फिर मैंने इसे एक गुरू से सीखा। तो गोविंद नाम से गोविंदा कर दिया। जिसका टोटल नंबर 27 आता है। मेरे लिए नंबर 9 लकी है। नंबर 9 ना शब्द दोष लगता है, न क्रियादोष लगता है, ना वास्तु दोष लगता है। गोविंद से गोविंदा हो गया, जो मेरे गुडलक हो गया।'

 

उन्होंने आगे कहा, 'मेरी मां ने कहा था कि मैं कुंडली के योग नहीं पलट सकता। तो फिर मैंने रूप शास्त्र किया जिसमें आपके चेहरे के हिसाब से आपकी पर्सनैलिटी का पता लगता है। फिर मैंने थोड़ी सी औरा रीडिंग की। उसके बाद योग प्रणायाम सब करता गया। यह सब मेरे खिलौने थे। तो मुझे कैसे पता कि ये जीवन में मेरे काम आ जाएगा।' उनसे पूछा गया कि आपके जीवन में कैसे काम आया?

 

यह भी पढ़ें: शबाना आजमी ही नहीं, इन हिरोइनों ने भी पिता-बेटे दोनों संग किया है काम

 

बॉलीवुड में मिला आउटसाइडर का टैग

 

गोविंदा ने कहा, 'ऐसे काम आया, जैसे मैंने सोचा नहीं था। मुझे फिल्म इंडस्ट्री में लगा लोग अपना काम करते हैं लेकिन यह सच नहीं था लोग आपका मजाक उड़ाते थे कि इसको कुछ समझ नहीं आ रहा है। मैं फिर उन्हें घेर लेता था। फिर वह डर जाते कि यह यहां कैसे आ गया? लोगों को लगता था कि यह तो बाहर से आया है।'

 

वहीं वर्क फ्रंट की बात करें तो गोविंदा 7 साल बाद बड़े पर्दे पर फिल्म 'रूपा' से वापसी कर रहे हैं। वह अपनी ही फिल्म के प्रोड्यूसर भी हैं।