पाकिस्तान में इस्लामाबाद की सरहद यूनिवर्सिटी के रावत कैंपस में फीस और क्लास के शेड्यूल को लेकर चल रहे छात्रों के प्रदर्शन के दौरान फौजी अफसर द्वारा फायरिंग और हथियार तानने की यह पूरी घटना सामने आई है। छात्र अपने डिपार्टमेंट के हेड के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इस स्थिति को संभालने और छात्रों को शांत करने के लिए यूनिवर्सिटी की हेड ऑफ स्टूडेंट अफेयर्स डॉ. आइना मौके पर पहुंचीं। जब कुछ छात्रों ने वहां से पीछे हटने से साफ मना कर दिया तो मामला और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया।
जब बात हाथ से निकलने लगी तो डॉ. आइना ने तुरंत अपने पति को फोन करके मौके पर बुला लिया। उनके पति पाकिस्तान आर्मी में कर्नल या ब्रिगेडियर रैंक के एक बड़े और उच्च पदस्थ अफसर हैं। वह अफसर अपनी आधिकारिक फौजी वर्दी पहनकर सीधे यूनिवर्सिटी के कैंपस के अंदर दाखिल हुआ।
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कैंपस में की गई फायरिंग
कैंपस में आने के बाद उस अफसर ने बिना किसी उकसावे के सीधे छात्रों पर डंडों से हमला कर दिया और उन्हें पीटने लगा। इसके बाद उसने अपनी सर्विस पिस्तौल निकाली, पहले हवा में गोली चलाई और फिर वहां खड़े निहत्थे छात्रों पर अपनी बंदूक तान दी। इस पूरी घटना की जानकारी एक छात्र ने दी है जिसने उस आर्मी अफसर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
इस घटना से पहले भी पाकिस्तान के कई अलग-अलग प्रांतों जैसे बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में लोग हफ्तों से लगातार यह कहते आ रहे हैं कि वहां होने वाली दहशतगर्दी के पीछे पाकिस्तान सेना का हाथ है।
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वहां की जनता और प्रदर्शनकारी यह नारा लगाते हैं कि 'यह जो दहशतगर्दी है, इसके पीछे पाकिस्तान फौज की वर्दी है', और रावत कैंपस में घटी इस घटना ने इस बात को सामने ला दिया है। जब इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तब पाकिस्तान आर्मी ने उस अफसर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की और एक आंतरिक जांच के आदेश दिए।
