पाकिस्तान में एक गुरुद्वारे के भीतर सिख पति-पत्नी का बेरहमी से कत्ल कर दिया गया है। बदमाशों ने गोली मारकर दोनों की जान ली। पुलिस ने मुख्य संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया है, जिसकी पहचान अमेजुगारी निवासी शेर शाह के रूप में हुई है।

 

उधर, खैबर पख्तूनख्वा के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री रमेश सिंह अरोड़ा ने एफआईआर दर्ज करने, परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की। उनका कहना है कि इस घटना से दुनियाभर के सिखों में चिंता की एक नई लहर पैदा हुई है।

 

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पुलिस के मुताबिक खैबर पख्तूनख्वा की राजधानी पेशावर से करीब 60 किमी दूर मर्दान जिले के बाबू मोहल्ला में एक गुरुद्वारा है। जगन्नाथ और उनकी पत्नी अस्मा वंती गुरुद्वारा की देखरेख करते थे। बुधवार को गुरुद्वारे के अंदर ही गोली मारकर पति-पत्नी की हत्या कर दी गई।

खैबर पख्तूनख्वा की पुलिस ने क्या कहा?

पुलिस ने अभी तक शेर शाह नाम के शख्स को गिरफ्तार किया है। मर्दान जिले के पुलिस अधिकारी मसूद अहमद बंगश ने बताया कि पुलिस, आतंकवाद-रोधी विभाग और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों वाली संयुक्त जांच टीम को अब तक संदिग्ध शख्स के किसी भी प्रतिबंधित गुट, आतंकवादी संगठन या संगठित नेटवर्क से जुड़े होने के सबूत नहीं मिले हैं।

अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए: मंत्री रमेश सिंह

अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री रमेश सिंह अरोड़ा ने मामले की सभी पहलुओं से जांच करने की मांग की। यह भी कहा कि हत्या के पीछे की वजह का पता लगाना भी जरूरी। उन्होंने पुलिस ने निष्पक्ष जांच करने का अनुरोध किया और कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय और उनके प्रार्थना स्थलों की सुरक्षा करना राज्य की बुनियादी जिम्मेदारी है। 

 

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रमेश सिंह अरोड़ा ने कहा कि इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की छवि को नुकसान पहुंचाया है। दुनियाभर के सिख समुदाय में न केवल दुख, बल्कि चिंता का भी माहौल है। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक को निशाना बनाने वाले अपराधियों के खिलाफ प्रशासन को जीरो-टॉलरेंस की नीति अपनानी होगी। गिरफ्तार शख्स को कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए।