दिल्ली के जंतर-मंतर में कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन के बाद से पाकिस्तान की सरकार डरी हुई है। वहां के गृह मंत्री मोहसिन नकवी को चिंता सता रही है कि यह कॉकरोच सबकुछ पलटने की ताकत रखते हैं। भारत की तर्ज पर ही पाकिस्तान में कॉकरोच जनता पार्टी के नाम पर कई सोशल मीडिया पेज बन चुके हैं। इनकी लोकप्रियता भी बढ़ रही है।
वहां की जनता भी कॉकरोच जनता पार्टी की तरह आंदोलन चाहती है। अब जमीन पर इसका असर भी दिखने लगा है। शुक्रवार को इस्लामाबाद में भारी संख्या में स्थानीय लोगों और छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया। दिल्ली की तरह इस्लामाबाद में भी भीड़ ने मीडिया को निशाना बनाया। ARY न्यूज की गाड़ी को घेरा और उनके पत्रकारों के साथ बदसलूकी की। पुलिस की गोली का शिकार हुए पीएचडी छात्र ओसामा की मौत के बाद लोगों का गुस्सा और भड़ चुका है।
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पाकिस्तानी मीडिया के मुताबिक राजधानी इस्लामाबाद और लाहौर में हजारों की संख्या में छात्र सड़कों पर उतरे। तीन से चार अलग-अलग जगहों पर भीड़ ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में सेना की जुल्म की निंदा की। रावलाकोट में प्रदर्शनकारियों पर हुई क्रूर कार्रवाई के खिलाफ लोगों ने अपना आक्रोश जाहिर किया।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में महिलाओं की एक बड़ी भीड़ दिख रही है। 'सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल, देखना है ज़ोर कितना बाज़ू-ए-कातिल में' और 'इंकलाब आएगा', 'आजादी-आजादी' जैसे नारे लग रहे हैं। पाकिस्तान ने इस्लामाबाद और लाहौर में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी है।
लाहौर प्रेस क्लब के बाहर प्रदर्शन करने वाले लोगों को हिरासत में लिया गया है। यह प्रदर्शनकारी कश्मीरियों के साथ एकजुटता दिखाने की खातिर जुटे हैं। प्रदर्शनकारियों के हाथों में प्लेकार्ड और पीओजेके के झंडे थे। लोगों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। हालांकि पुलिस ने यहां भी भीड़ को तितर-बितर करके लोगों को तुरंत हिरासत में लिया।
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इस्लामाबाद प्रेस क्लब के बाहर कई विश्वविद्यालयों के छात्र जुटे। प्रदर्शन की अगुवाई इस्लामी जमीयत-ए-तलबा ने किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पीओजेके की स्थिति चिंताजनक है। सरकार को बातचीत करके इसका हल निकलना चाहिए।
वकील और मुजफ्फराबाद के निवासी फजल महमूद बेग ने कहा कि यह चुनाव बिल्कुल फ्रॉड है। जनता को अपनी राय व्यक्त करने का खुलकर मौका मिलना चाहिए था। सामाजिक कार्यकर्ता सरदार मजहर ने कहा कि हमारे विरोध का मकसद यह है कि रावलाकोट और पीओजेके के अंदर जो जुल्म हो रहा है। उसे बंद करवाने के लिए यहां पर हम आए हैं।
