आम आदमी पार्टी (AAP) ने दिल्ली सरकार पर स्कूली छात्राओं के लिए साइकिल खरीद में करीब 90 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया है। पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि साइकिल खरीद के लिए जारी किए गए टेंडर की शर्तों में जानबूझकर बदलाव कर एक पहले से तय कंपनी को फायदा पहुंचाया गया। इन आरोपों के बाद दिल्ली की राजनीति में नया बवाल शुरू हो गया है। भारतीय जनता पार्टी ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है।
सौरभ भारद्वाज ने रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हाल ही में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विनोद नगर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में कक्षा 9 की छात्राओं को साइकिल बांटी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इन्हीं साइकिलों की खरीद प्रक्रिया में बड़े स्तर पर अनियमितताएं हुई हैं और सरकार ने बाजार कीमत से काफी अधिक दाम पर साइकिलें खरीदीं।
क्या आरोप लगाए?
सौरव भारद्वाज ने कहा, 'दिल्ली सरकार के 650 करोड़ के स्वास्थ्य घोटाले के बाद एक और घोटाले का आरोप लग रहा है कि लड़कियों को बांटी गई साईकिलों में बड़ा घोटाला हुआ है। मुख्यमंत्री ने 2 दिन पहले विनोद नगर में साइकिल बांटी। उन साइकिलों की खरीद में बड़े घोटाले के आरोप लग रहे हैं। 650 करोड़ के घोटाले में ACB के आरोप थे कि टेंडर को टेलर किया गया। वही आरोप इन साइकिल खरीद में भी लगे हैं।'
सौरव भारद्वाज के मुताबिक, कई कंपनियों ने इस मामले में मुख्य सतर्कता आयोग (CVC), उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को लिखित शिकायत भेजी है। शिकायतों में कहा गया है कि टेंडर की शर्तें इस तरह बनाई गईं कि केवल चुनिंदा कंपनियां ही पात्र हो सकें। सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
मंहगे दाम पर साइकिल खरीद का आरोप
सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि एसके बाइक्स सहित कुछ कंपनियों ने शिकायत में कहा है कि टेंडर में जिन स्पेसिफिकेशन वाली माउंटेन टेरेन (MTB) साइकिलों की मांग की गई है, वही साइकिल बाजार में करीब 4,100 रुपये में उपलब्ध है। उनका आरोप है कि इसके बावजूद टेंडर में प्रति साइकिल कीमत 6,923 रुपये तय की गई और बाद में लगभग 6,957 रुपये प्रति साइकिल की दर से खरीद की गई।
सौरभ भारद्वाज ने अपने दावों को मजबूत करने के लिए कंपनी के पिछले रिकॉर्ड को भी शेयर किया। उन्होंने कहा कि संबंधित कंपनी पहले से राजस्थान, मध्य प्रदेश और असम जैसे राज्यों में इसी प्रकार की साइकिलें लगभग 4,100 रुपये प्रति साइकिल की दर से उपलब्ध करा चुकी है। ऐसे में दिल्ली में कहीं अधिक कीमत पर खरीद किए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
शर्तों में बदलाव का आरोप
आम आदमी पार्टी का आरोप है कि दिल्ली सरकार ने 1.30 लाख साइकिलों की खरीद के लिए टेंडर जारी किया था। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यदि टेंडर का कुल मूल्य लगभग 90 करोड़ रुपये था, तो सामान्य नियमों के अनुसार इस प्रक्रिया में भाग लेने वाली कंपनियों के लिए टर्नओवर की सीमा करीब 180 करोड़ रुपये तक होनी चाहिए थी। लेकिन इसे बढ़ाकर 360 करोड़ रुपये कर दिया गया, जिससे कई कंपनियां अपने आप ही इस टेंडर प्रक्रिया से बाहर हो गईं। सरकार पर आरोप लगया गया है कि सरकार ने इस टेंडर के लिए प्री-बिड मीटिंग भी आयोजति नहीं की थी। आम आदमी पार्टी ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और पूरे टेंडर की प्रक्रिया सार्वजनिक करने की मांग की है।
