एक पॉडकास्ट के बाद विवादों में आए स्वतंत्र भारद्वाज की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। अब केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) ने उसके खिलाफ संसद पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है। इससे पहले शुक्रवार को दिल्ली पुलिस की टीम ने स्वतंत्र भारद्वाज को यूपी से हिरासत में लिया है।
चिराग पासवान की पार्टी ने अपनी शिकायत में आरोप है कि भारद्वाज ने राजनीतिक संरक्षण पाने के लिए केंद्रीय मंत्री एवं एलजेपी (राम विलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान का नाम गलत तरीके से और सार्वजनिक रूप से इस्तेमाल किया।
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एलजेपी ने स्वतंत्र भारद्वाज के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का अनुरोध किया और कड़ी कार्रवाई की मांग की। यह भी कहा कि पुलिस रिकॉर्ड में यह बात दर्ज करें कि पार्टी का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है।
चिराग पासवान ने क्या कहा?
स्वतंत्र भारद्वाज प्रकरण में शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा भारद्वाज ने उनके और दूसरे नेताओं के नाम का गलत इस्तेमाल किया। उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है और कार्रवाई की मांग की। आरोपी के जानलेवा हमले की बात कबूलने के बावजूद कोई कार्रवाई न होना एक गलत मिसाल कायम करता है। परिवार को न्याय दिलाने की जिम्मेदारी मैं लेता हूं।
कैसे आया चिराग पासवान का नाम?
अपने बयान में स्वंतत्र भारद्वाज ने आगे दावा किया, 'मुझ पर हनुमान जी का आशीर्वाद है। और दूसरी बात कपिल मिश्रा मेरे बड़े भाई हैं। कहा जाता है कि कपिल मिश्रा के फोन करने पर ही मुझे छोड़ा गया। चिराग पासवान भी मेरे बड़े भाई हैं। आप कितने नेताओं को जानते हैं? क्या आप मोदी जी को जानते हैं? मोदी जी भी मेरे बड़े भाई हैं। मुझे सभी का समर्थन हासिल है।' हालांकि यह सभी दावे स्वतंत्र भारद्वाज ने एकतरफा किए हैं।
कहां से चर्चा में आया स्वतंत्र भारद्वाज?
एक पॉडकास्ट में स्वतंत्र भारद्वाज ने दावा किया था उसने निशु आजाद के पिता संजय कुमार का सिर फोड़ दिया था। उससे 60 टांके लगे। फिर भी वह जेल नहीं गया। वीडियो वायरल होने के बाद सियासी हंगामा खड़ा हो गया। राहुल गांधी से चंद्रशेखर आजाद तक ने निशु का समर्थन किया और स्वंतत्र की गिरफ्तारी की मांग की।
पॉडकास्ट में स्वतंत्र ने कहा, 'क्या आपको पता है कि यह अपराध किस धारा के तहत आता है? धारा 307। उसे 60 टांके लगे थे। उस आदमी को गंभीर हालत में एम्बुलेंस में ले जाया जा रहा था। उसकी बेटी पुलिस थाना के बाहर खड़ी होकर कह रही थी कि अगर उसके पिता को न्याय नहीं मिला तो वह आत्महत्या कर लेगी। लेकिन मुझे जेल भी नहीं भेजा गया। दुनिया को यह पता होना चाहिए। मैं पूरी रात बाहर घूमता रहा।'
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शुक्रवार को विपक्ष और सीजेपी के हंगामे के बाद दिल्ली पुलिस ने 72 घंटे में गिरफ्तारी का बात कही थी। हालांकि उससे पहले ही उसे यूपी के बुलंदशहर से हिरासत में ले लिया गया।
फेसबुक पर स्वतंत्र भारद्वाज के 3 लाख से अधिक, इंस्टाग्राम पर 1.84 लाख और एक्स पर 6400 फॉलोअर्स है। सोशल मीडिया पर उसने कुछ तस्वीरें पोस्ट कीं। इसमें बिहार के सीएम सम्राट चौधरी , दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के साथ उसकी फोटो हैं। उसने स्वतंत्रता दिवस समारोह और मोदी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के निमंत्रण पत्रों की तस्वीर भी साझा की।
