सुप्रीम कोर्ट में कई मुख्यमंत्रियों और सांसदों से जुड़ा एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जहां एक तरफ सुप्रीम कोर्ट में 326 सांसदों के खिलाफ आपराधिक मामले लंबित हैं, जिनमें से 251 लोकसभा सांसद और राज्यसभा के 75 सांसदों के खिलाफ आपराधिक मामले लंबित हैं। वहीं, 28 राज्यों में से 14 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। ये आंकड़े देश के लिए बेहद चिंताजनक हैं, जो देश के राजनेताओं पर सवाल खड़ा करते हैं।
सुप्रीम कोर्ट में विजय हंसारिया ने एक हलफनामा दाखिल किया था, जिसमें सांसदों और विधायकों के खिलाफ मामलों को जल्द से जल्द निपटाने का सुझाव दिया गया था। इसके साथ विजय हंसारिया ने एक रिपोर्ट पेश की थी, जिससे खुलासा हुआ कि 28 में से 14 मुख्यमंत्रियों के खिलाफ मामले दर्ज हैं। इसके अलावा रिपोर्ट में दावा किया गया कि सांसदों और विधायकों के कुल 4,192 आपराधिक मामले लंबित हैं। जानकारी के लिए बता दें, तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के खिलाफ सबसे ज्यादा 89 मामले दर्ज हैं।
यह भी पढ़ें: आम सलून पर CM सुखविंदर ने कटवाए बाल, हजामत से सध गई सियासत?
14 मुख्यमंत्रियों के खिलाफ मामले
सुप्रीम कोर्ट में पेश हुई रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे ज्यादा तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के खिलाफ कुल 89 मामले दर्ज हैं। दूसरे नंबर पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के खिलाफ 29 मामले दर्ज हैं। तीसरे नंबर पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार हैं। इनके खिलाफ 19 मामले हैं। इसके बाद केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीसन के खिलाफ 18 मामले बताए गए हैं।
इसके अलावा झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ 5 मामले, महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस और हिमाचल के सुखविंदर सिंह सुक्खू के खिलाफ 4 मामले हैं। बिहार के सम्राट चौधरी की बात करें तो इनके खिलाफ 2 मामले दर्ज हैं।
यह भी पढ़ें: DGP से मिले तेजस्वी यादव, फायरिंग का आदेश देने वाले अफसरों पर मुकदमा की मांग
लोकसभा सांसदों के खिलाफ मामले
रिपोर्ट के मुताबिक, लोकसभा के 543 में से 170 सदस्यों के खिलाफ आपराधिक मामले हैं, जिसमें उत्तर प्रदेश में 80 में से 34 सांसदों पर आपराधिक मामले हैं। बिहार में 40 में से 19 सांसदों के खिलाफ मामले हैं। केरल में 21 में से 11 सांसदों के खिलाफ, तेलंगाना में 17 में से 11 सांसदों के खिलाफ आपराधिक मामले हैं। राज्यसभा में 233 सदस्यों में से 75 सदस्यों के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
