ऑनलाइन खरीदारी और टिकट बुकिंग के दौरान ग्राहकों को गुमराह करने वाले तरीकों पर केंद्र सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने जेप्टो (Zepto), इंडिगो (IndiGo), फिजिक्स वाला (PW), फर्स्टक्राई (FirstCry) और स्पाइसजेट (SpiceJet) समेत नौ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जुर्माना लगाया है। इन कंपनियों पर आरोप है कि इन्होंने ग्राहकों को बिना साफ जानकारी दिए अतिरिक्त शुल्क वसूलने या कुछ विकल्प चुनने के लिए मजबूर करने जैसे 'डार्क पैटर्न' का इस्तेमाल किया।
सरकार ने राज्यसभा में बताया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ग्राहकों के हितों की सुरक्षा के लिए 'डार्क पैटर्न की रोकथाम और विनियमन नियम, 2023' किए गए हैं। इन नियमों के तहत ऑनलाइन ग्राहकों को गुमराह करने वाले 13 तरह के भ्रामक तरीकों पर रोक लगा दी गई है। इसके अलावा, जून 2025 में सभी इ-कॉमर्स कंपनियों को अपने प्लेटफॉर्म का खुद ऑडिट करने के निर्देश भी दिए गए थे।
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इन कंपनियों पर लगा जुर्माना
- जेप्टो (7 लाख जुर्माना): क्विक कॉमर्स ऐप जेप्टो पर आरोप था कि वह शुरुआत में कम दाम दिखाता था लेकिन चेकआउट के वक्त हैंडलिंग चार्ज और मेंबरशिप फीस अपने आप जोड़ देता था।
- फिजिक्स वाला (5 लाख जुर्माना): एडटेक प्लेटफॉर्म फिजिक्स वाला की 'PW Foundation' के लिए 10 का दान अपने आप प्री-सिलेक्ट हो जाता था। इसके अलावा फ्री कोर्स के नाम पर जबरन निजी जानकारी मांगी जा रही थी।
- इंडिगो: एयरलाइन ऐप पर कंफर्म शेमिंग तकनीक का इस्तेमाल कर यात्रियों को डराया जाता था। बीमा न लेने पर नो आई विल टेक रिस्क का मैसेज दिखाया जाता था, जिसे अब बदलकर तटस्थ मैसेज नो आई विल नोट एड टू द ट्रिप कर दिया गया है।
- बुकमायशो: टिकट बुकिंग के दौरान अपने आप जुड़ने वाले 1 के बुकएस्माइल डोनेशन को हटाने का निर्देश दिया गया।
- अन्य कंपनियां: फर्स्टक्राई (2 लाख), फार्मईजी (1 लाख), मैकफी (1 लाख), स्पाइसजेट (1 लाख) और कोचिंग प्लेटफॉर्म अनूज जिंदल (3 लाख) पर भी छिपे हुए चार्ज और जबरन सब्सक्रिप्शन के लिए कार्रवाई की गई।
