मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार इन दिनों सवालों के घेरे में हैं। विपक्ष के आरोपों के बीच सुप्रीम कोर्ट ने भी CEC ज्ञानेश कुमार को नोटिस जारी करके जवाब मांगा है। इस बीच भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद निशिकांत दुबे ने एक रोचक पोस्ट की है। निशिकांत दुबे ने तंज भरे अंदाज में ज्ञानेश कुमार का बचाव करते हुए लिखा है कि वह उन्हें बाबा ज्ञानेश्वरानंद की उपाधि देना चाहते हैं। उन्होंने यह भी लिखा है कि बाबा ज्ञानेश्वरानंद इतने अंतर्यामी हैं कि 13.5 करोड़ लोगों की आत्मा में घुसकर जान लिया कि वे बीजेपी के असली वोटर हैं या नहीं।
एक तरफ कांग्रेस की अगुवाई में विपक्ष और दूसरी तरफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ज्ञानेश कुमार पर हमलावर हैं। आरोप है कि स्पेशल इंटेंसिव रिजीवन ( SIR ) के जरिए जानबूझकर लोगों के वोट काटे गए और चुनाव प्रभावित किए गए। इतना ही नहीं, INDIA गठबंधन ने सुप्रीम कोर्ट में दायर अपनी याचिका में कहा है कि ज्ञानेश कुमार ने ही इस तरह के फैसले लिए और बाकी के दोनों आयुक्त उनसे सहमत भी नहीं है। यही वजह है कि सुप्रीम कोर्ट ने ज्ञानेश कुमार के साथ-साथ बाकी के दोनों आयुक्तों से भी जवाब मांगा है।
यह भी पढ़ें: CJP के तिरंगा मार्च के चलते कई रास्तों पर होगा डायवर्जन, जानिए ट्रैफिक प्लान
निशिकांत दुबे ने क्या लिखा है?
निशिकांत दुबे ने X पर लिखा है, 'आज मैंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार जी को बाबा ज्ञानेश्वरानंद की उपाधि प्रदान करने का मन बनाया है, क्योंकि बाबा ज्ञानेश्वर जी इतने अंतर्यामी या पहुँचे हुए संत हैं कि 13.5 करोड़ लोगों की आत्मा में घुसकर उनकी बातें स्वर्ग/आकाश/ पाताल पृथ्वी तक जानते थे कि यह बीजेपी का असली वोटर है या नहीं? इसलिए उनका नाम वोटर लिस्ट से बाहर कर दिया।'
उन्होंने आगे लिखा है, 'मरे हुए लोगों की आत्मा में घुसना तो बाबा ज्ञानेश्वर जी को शीर्षस्थ संत साबित करती है। जय बाबा ज्ञानेश्वरानंद महाराज।'
यह भी पढ़ें: 'मुझे भगाया गया', BJP छोड़ SP में शामिल होने पर ऐसा क्यों बोले भवानी भीख शुक्ला?
बता दें कि SIR पर बढ़ते दवाब के बीच अब चुनाव आयोग ने 17 राज्यों में स्पेशल समरी रिवीजन (SSR) कराने का एलान किया है। इसके तहत उन लोगों का नाम लिस्ट में शामिल करने की कवायद की जाएगी जो किसी भी कारण से छूट गए हैं।
