मेरठ के चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में अब एक नया मोड़ सामने आया है। मृतक सौरभ राजपूत के बड़े भाई राहुल उर्फ बबलू ने आरोप लगाया है कि बुधवार रात एक कार सवार ने उन्हें जानबूझकर टक्कर मारी। इस हादसे में राहुल घायल हो गए हैं। राहुल का शक है कि इस घटना के पीछे सौरभ की हत्या के दोषी साहिल शुक्ला या मुस्कान रस्तोगी के परिवार की साजिश हो सकती है। खास बात यह है कि इस केस में वह मुख्य गवाह भी हैं।
राहुल के मुताबिक, घटना बुधवार रात करीब 11 बजे मेरठ की दिल्ली रोड पर बहादुर मोटर के पास हुई, जहां वह खड़े हुए थे। वह सड़क किनारे खड़े थे, तभी एक कार उनकी तरफ आई और उन्हें टक्कर मार दी और इसके बाद गाड़ी पीछे की और दोबारा उन्हें कुचलने की कोशिश की। अपनी जान बचाने के लिए वह पास की गली में भागे और शोर मचाया। इसके बाद कार सवार मौके से फरार हो गया।
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राहुल को आई चोटें
इस घटना में राहुल के हाथ, पैर और पसलियों में चोट आई है। किसी तरह वह अपनी जान बचाने में तो कामयाब हो गए लेकिन टक्कर के कारण कई जगहों पर चोटें आई। घटना के तुरंत बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया। बताया जा रहा है कि चोटें इतनी ज्यादा गहरी नहीं थी और उन्हें प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई।
राहुल ने क्या बताया?
राहुल ने बताया कि उनकी किसी से कोई निजी दुश्मनी नहीं है। उनका दावा है कि जिस समय उन्हें टक्कर मारी गई, उस वक्त सड़क पर कोई और मौजूद नहीं था। इसी वजह से उन्हें यह महज सड़क हादसा नहीं, बल्कि जानबूझकर किया गया हमला लग रहा है। उन्होंने इस घटना के पीछे साहिल या मुस्कान के परिवार का हाथ होने की आशंका जताई है। हालांकि, इस दावे के समर्थन में अभी कोई सबूत सामने नहीं आया है।
एक अहम बात यह भी है कि राहुल ने अब तक इस मामले में पुलिस को लिखित शिकायत नहीं दी है। उन्होंने बताया कि फिलहाल उन्होंने थाने में तहरीर नहीं दी है। ऐसे में अभी यह साफ नहीं है कि कार से टक्कर लगने की घटना दुर्घटना थी या किसी ने जानबूझकर उन्हें निशाना बनाया।
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क्या था नीला ड्रम केस?
बता दें कि सौरभ राजपूत की हत्या मार्च 2025 में मेरठ में हुई थी। पुलिस के मुताबिक, उनकी पत्नी मुस्कान रस्तोगी और मुस्कान के प्रेमी साहिल शुक्ला ने हत्या के बाद शव के टुकड़े कर उन्हें सीमेंट से भरे नीले ड्रम में छिपा दिया था। इस मामले में मेरठ की जिला अदालत ने 30 सितंबर 2026 को दोनों को दोषी ठहराया था और 14 अक्टूबर को फांसी की सजा सुनाई थी। दोनों ने इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की है।
