उत्तर रेलवे ने मंगलवार को दृष्टिबाधित रेल कर्मियों के लिए बड़ा कदम उठाते हुए 123 ज्योति एआई स्मार्ट ग्लासेस का बांटे। रेलवे ने यह कदम दृष्टिबाधित रेल कर्मियों की कार्यों को अधिक आसान और प्रभावी बनाने के साथ में आत्मनिर्भरता को बढ़ाने के लिए है। उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजेश कुमार पाण्डेय ने दिल्ली स्थित राष्ट्रीय रेल संग्रहालय में उत्तर रेलवे के दृष्टिबाधित कर्मचारियों को ज्योति एआई स्मार्ट ग्लासेस बांटे।
यह कदम दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 (Rights of Persons with Disabilities Act, 2016) के प्रावधानों के तहत किया गया।
क्या बोले राजेश पाण्डेय?
इस मौके पर राजेश पाण्डेय ने कहा, 'आज उत्तर रेलवे द्वारा दृष्टिबाधित रेल कर्मचारियों को आधुनिक तकनीक से युक्त स्मार्ट ग्लास देने की पहल की जा रही है। इस मौके पर उत्तर रेलवे से कुल 123 दृष्टिवाधितों को फायदा मिल सकेगा। पहले चरण में मुख्य कार्यालय के कुल 16 दृष्टिबाधितों स्मार्ट ग्लास बांटे गए थे। इससे कर्मचारियों को कार्यस्थल के साथ-साथ राजमर्रा के जीवन में भी ज्यादा सहजता और आत्मविश्वास के साथ काम करने में मदद मिलेगी।'
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कार्यक्रम में शामिल हुए अधिकारी
इस कार्यक्रम में उत्तर रेलवे के अपर महाप्रबंधक हर्ष खरे, प्रधान मुख्य कार्मिक अधिकारी सुजीत कुमार मिश्रा, उत्तर रेलवे के सभी विभागाध्यक्ष और उत्तर रेलवे की मान्यता प्राप्त यूनियनों और संघों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान, कर्मचारियों ने स्मार्ट ग्लासेस के इस्तेमाल, उनकी उपयोगिता और रोजाना के कामों में मिलने वाली मदद के बारे में अपने सकारात्मक अनुभव भी शेयर किए।
दृष्टिबाधित रेलवे कर्मचारियों से एआई चश्मा लगाकर बताया कि वह पहले से अधिक महसूस कर रहे हैं। कर्मचारियों ने बताया कि ये स्मार्ट ग्लासेस उनके कार्यों को अधिक आसानी से और प्रभावी ढंग से करने में मददगार हैं।
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किस जोन में दृष्टिबाधित कर्मचारियों को बांटे गए चश्में?
- मुख्यालय : 17
- दिल्ली मंडल : 28
- लखनऊ मंडल : 13
- अंबाला मंडल : 10
- मुरादाबाद मंडल : 19
- फिरोजपुर मंडल : 5
- आलमबाग वर्कशॉप : 19
- जगाधरी वर्कशॉप : 3
- चारबाग वर्कशॉप : 9
