किसी डॉक्टर का काम सिर्फ मरीजों का इलाज करना नहीं होता, बल्कि समाज को बीमारियों से बचाने और बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था बनाने में योगदान देना भी होता है। जन स्वास्थ्य यानी पब्लिक हेल्थ इसी सोच पर काम करता है। इसी क्षेत्र में लंबे समय से योगदान दे रहे भगवान महावीर मेडिकल कॉलेज एवं सफदरजंग अस्पताल के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के पूर्व डायरेक्टर प्रोफेसर डॉ. जुगल किशोर के जीवन और कार्यों को अब एक किताब में संजोया गया है।
शनिवार को सफदरजंग अस्पताल में उनकी जिंदगी और स्वास्थ्य क्षेत्र में उनके योगदान पर आधारित पुस्तक 'जन स्वास्थ्य और डॉ. जुगल किशोर' का विमोचन किया गया।
डॉ. रूपचंद गौतम हैं लेखक
इस पुस्तक के लेखक डॉ. रूपचंद गौतम हैं। किताब में डॉ. जुगल किशोर के जीवन के विभिन्न पहलुओं के साथ चिकित्सा और जन स्वास्थ्य के क्षेत्र में उनके योगदान को जगह दी गई है। इसका उद्देश्य उनके पेशेवर सफर और अनुभवों को दस्तावेज के रूप में सामने लाना है, ताकि आने वाली पीढ़ी भी उनके काम और विचारों से परिचित हो सकें।
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क्या है जन स्वास्थ्य और क्यों है इसकी अहमियत?
जन स्वास्थ्य चिकित्सा का वह क्षेत्र है, जिसका उद्देश्य केवल किसी एक व्यक्ति की बीमारी का इलाज करना नहीं, बल्कि पूरी आबादी को स्वस्थ रखना है। इसमें संक्रामक और गैर-संक्रामक बीमारियों की रोकथाम, टीकाकरण, स्वास्थ्य जागरूकता, पोषण, पर्यावरण और स्वास्थ्य नीतियों जैसे विषय शामिल हैं। किसी बीमारी के फैलने से पहले उसकी रोकथाम के उपाय करना भी इसी का अहम हिस्सा है।
डॉ. जुगल किशोर का जीवन और काम इसी व्यापक स्वास्थ्य दृष्टिकोण से जुड़ा रहा है। उनके जीवन पर लिखी गई यह पुस्तक जन स्वास्थ्य के क्षेत्र में उनके अनुभवों और योगदान को समझने का एक माध्यम है।
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पुस्तक का विमोचन चिकित्सा जगत के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है, क्योंकि यह किसी व्यक्ति की उपलब्धियों को याद करने के साथ-साथ जन स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए गए काम को भी सामने लाता है।
