दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है। आरोप एक प्रोफेसर पर लगा है। विश्वविद्यालय की आंतरिक शिकायत समिति के समक्ष 10 छात्र-छात्राओं ने शिकायत दर्ज कराई है। आंतरिक समिति ने आरोपों की जांच शुरू कर दी है। 

 

शिकायत में प्रोफेसर पर गलत व्यवहार करने, अभद्रता और यौन शोषण का आरोप लगाया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह मामला मई महीने का है। लेकिन हाल ही में एक नई शिकायत सामने आने के बाद सीनियर छात्राओं ने भी ऐसे ही आरोप लगाए और प्रोफेसर के खिलाफ आंतरिक शिकायत समिति को शिकायत दी। हालांकि अभी तक पुलिस को कोई शिकायत नहीं दी गई है। विश्वविद्यालय आरोपों की जांच अपने स्तर पर ही कर रहा है।

 

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प्रोफेसर पर क्या आरोप लगे?

शिकायत में आरोप लगाया गया कि प्रोफेसर ने कैंपस स्थित अपने आवास में छात्राओं को पर्टियों के बहाने बुलाया। यहां उनके साथ न केवल अनुचित व्यवहार किया, बल्कि यौन संबंध बनाने का भी प्रयास किया। प्रोफेसर पर क्लास के दौरान भी आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप है। 

 

हिंदुस्तान टाइम्स ने सूत्रों के हवाले से बताया कि मई में एक छात्रा ने एक व्हाट्सएप ग्रुप में प्रोफेसर के गलत व्यवहार से जुड़ा अनुभव साझा किया। इसके बाद कई अन्य छात्राएं भी सामने आई हैं। इसमें कहा गया, 'अगर छात्राएं उनकी यौन इच्छाओं को स्वीकार करती हैं तो उन्हें अतिरिक्त अंक देंगे।'

 

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कई छात्राओं के बयान दर्ज

बता दें कि यह मामला मई में आयोजित मौखिक परीक्षा से पहले का है। छात्राओं की शिकायत के बाद आंतरिक समिति ने शिकायत दर्ज की। अभी तक कई छात्राओं के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। 

समिति ने साधी चुप्पी, प्रोफेसर ने क्या कहा? 

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक पूरे मामले जेएनयू की आंतरिक शिकायत समिति ने चुप्पी साध ली है। समिति का कहना है कि यह आंतरिक मामला है और फिलहाल जांच की जा रही है। उधर, आरोपी प्रोफेसर का कहना है कि उसे किसी शिकायत की जानकारी नहीं है। उनके खिलाफ झूठे आरोप लगाए गए हैं।