स्टैंड-अप कॉमेडियन समय रैना को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। विकलांग व्यक्तियों पर की गई टिप्पणी के मामले सभी एफआईआर रद्द कर दी गई हैं। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और वी मोहना की पीठ ने समय रैना और चार अन्य कॉमेडियन के खिलाफ दर्ज मामलों को रद्द करने का आदेश दिया। इन सभी पर 'इंडियाज गॉट लेटेंट' शो में विकलांग व्यक्तियों पर असंवेदनशील टिप्पणी करने का आरोप था। इसके बाद कई स्थानों पर पांचों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।

 

सुप्रीम कोर्ट ने समय रैना के अलावा विपुल गोयल, बलराज परमजीत सिंह घई, सोनाली ठक्कर उर्फ ​​सोनाली आदित्य देसाई और निशांत जगदीश तंवर को राहत दी है। पिछले साल अदालत ने समय रैना समेत सभी लोगों को हर महीने कम से कम दो कार्यक्रम आयोजित करने और इससे जुटाए गए धन से एक कोष स्थापित करने का आदेश दिया था, ताकि विकलांग व्यक्तियों के उपचार में मदद की जा सके।

 

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अदालत ने विकलांग व्यक्तियों को अपने कार्यक्रम में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करने का भी निर्देश दिया था। समय रैना के खिलाफ 'क्योर एसएमए इंडिया फाउंडेशन' ने सुप्रीम कोर्ट में स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी के मंहगे इलाज का मजाक उड़ाने का आरोप लगाया था।

'ये बहुत प्रतिभाशाली युवा हैं'

सुप्रीम कोर्ट ने विकलांग व्यक्तियों के लिए कार्यक्रम आयोजित करने पर समय रैना समेत अन्य कलाकारों की तारीफ की। पीठ ने कहा, 'जब तक वास्तविक प्रयास किए जाएंगे, सकारात्मक परिणाम अवश्य मिलेंगे। ये बहुत ही प्रतिभाशाली युवा हैं। अगर उन्होंने सकारात्मक दिशा में काम करना शुरू कर दिया है तो सकारात्मक परिणाम जरूर मिलेंगे।'

 

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सभी कार्यवाही निरस्त करने का आदेश

अपने आदेश में शीर्ष अदालत ने कहा, 'प्रतिवादी संख्या 6-10 (आरोपी हास्य कलाकारों) से संबंधित मामला बंद किया जाता है। प्रतिवादी संख्या 6-10 के विरुद्ध आपराधिक कार्यवाही रद्द की जाती है। अन्य सभी संबंधित कार्यवाही भी निरस्त की जाती हैं। मुख्य मुद्दे पर निर्देश जारी करने के लिए सुनवाई स्थगित की जाती है।'