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3 लाख में हुआ था बच्चे का सौदा, पंजाब ले जाने से पहले आरा में पुलिस ने पकड़ा

बिहार की पुलिस ने तीन साल के एक बच्चे को समय रहते बरामद कर लिया। इस बच्चे का अपहरण करके पंजाब ले जाया जा रहा था और 3 लाख में बेचने की तैयारी थी।

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प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit: ChatGPT

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बिहार के मुंगेर के लाल दरवाजा मोहल्ले से गायब हुए 3 वर्षीय अभिराज को पुलिस ने साढ़े चार घंटे में सकुशल बरामद कर लिया। मासूम को करीब 3 लाख रुपये में बेचने का सौदा हुआ था। उसे पंजाब ले जाया जा रहा था। मुंगेर पुलिस की सूचना पर भोजपुर पुलिस ने आरा के पास हाईवे पर पंजाब नंबर की सफेद कार को रोककर बच्चे को बरामद किया। मामले में पुलिस ने एक नाबालिग समेत 7 लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 2.20 लाख रुपये नकद भी बरामद हुए हैं। बच्चे को सकुशल पाकर परिजनों ने राहत की सांस ली।

 

मुंगेर के एसपी सैयद इमरान मसूद ने पूरी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और डीआईयू की टीम ने सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू किया। फुटेज में बच्चा एक लड़की के साथ बाहर निकलता और एक व्यक्ति के साथ कार में बैठता दिखा। फुटेज के आधार पर पुलिस सबसे पहले लालदरवाजा निवासी नीरज यादव तक पहुंची। नीरज और उसकी नाबालिग बेटी फुटेज में दिख रहे थे। पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ।

मां बाथरूम गईं तो गायब हुआ बच्चा

अभिराज की मां काजल देवी ने पुलिस को बताया कि उन्होंने बच्चे को 2 रुपये देकर चॉकलेट लाने के लिए एक लड़की को दुकान भेजा था। इसके बाद वह बाथरूम चली गईं। जब वापस आईं तो अभिराज वहां नहीं था। आसपास काफी खोजबीन की गई लेकिन कुछ पता नहीं चला। इसके बाद परिजनों ने सीसीटीवी फुटेज देखी। फुटेज में साफ दिख रहा था कि एक व्यक्ति बच्चे को गाड़ी में बैठाकर ले जा रहा है। इसके बाद परिजन ने तुरंत कोतवाली थाने में सूचना दी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। 

 

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पूछताछ में पता चला कि नीरज यादव ने अपनी नाबालिग बेटी के जरिए अभिराज को बहला-फुसलाकर मुख्य सड़क तक बुलवाया था। वहां पहले से सफेद रंग की पंजाब नंबर की कार खड़ी थी। बच्चा कार में बैठा और थोड़ी दूर जाने के बाद नाबालिग लड़की उतर गई। इसके बाद कार सवार लोग बच्चे को लेकर निकल गए।

पंजाब जाते समय हुई बरामदगी

SP ने बताया कि नीरज से पूछताछ और सीसीटीवी के विश्लेषण के बाद पता चला कि पंजाब से कुछ लोग मुंगेर आए थे और नीरज के साथ उनकी डील हुई थी। बच्चे को लेकर वे पंजाब जा रहे थे। इसके बाद मुंगेर पुलिस ने तकनीकी अनुसंधान शुरू किया। मोबाइल लोकेशन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पता चला कि कार भोजपुर जिले के हाईवे पर है। मुंगेर पुलिस ने तुरंत भोजपुर एसपी से संपर्क किया। भोजपुर पुलिस ने हाईवे पर नाकेबंदी कर पंजाब नंबर की कार को रोक लिया। कार में सवार सभी लोगों को हिरासत में लिया गया और बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया गया। 

 

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मुंगेर पुलिस की टीम बच्चे को लेकर वापस मुंगेर आई। बच्चों को उसके माता-पिता को सौंप दिया। एसपी ने कहा कि बच्चे को सकुशल बरामद कर उसके माता-पिता को सौंप दिया गया है। मामले में शामिल सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। जरूरत पड़ने पर नीरज  को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी। स्पीडी ट्रायल चलाकर सभी को सजा दिलाई जाएगी। 

लाख में सौदा, पंजाब की महिला चाहती थी बच्चा

पुलिस पूछताछ में सबसे बड़ा खुलासा हुआ कि बच्चे का सौदा करीब 3 लाख रुपये में तय हुआ था। इस पूरे नेटवर्क की कड़ी बेगूसराय से जुड़ रही है। पुलिस ने बताया कि पंजाब के जालंधर निवासी हरजिंदर कुमार के घर बेगूसराय के बलिया की रहने वाली नीलम देवी कई सालों से मेठ का काम करती थी। हरजिंदर के बेटे की मौत के बाद उसकी पत्नी मानसिक तनाव में थी। परिवार को लगा कि घर में बच्चा आने से उसकी स्थिति ठीक हो जाएगी। इसके बाद नीलम ने बच्चा उपलब्ध कराने के लिए मुंगेर के सफियासराय थाना क्षेत्र के नौलखा निवासी संगीता से संपर्क किया। संगीता ने बच्चा देने की बात कही। 

 

इसके बाद नीलम के माध्यम से पंजाब से आए लोगों और नीरज के बीच संपर्क हुआ। करीब एक महीने से सभी एक-दूसरे के संपर्क में थे। पंजाब से आए लोग पहले पटना पहुंचे और फिर मुंगेर आकर होटल में रुके। यहीं से बच्चे को अगवा करने की साजिश रची गई।पुलिस ने नीरज के घर से 1 लाख रुपये और बच्चे को ले जाने वाली कार से 1.20 लाख रुपये बरामद किए। कुल 2.20 लाख रुपये नकद जब्त किए गए हैं।

 

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मानव तस्करी के एंगल से जांच

इस मामले में अब तक 7 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। गिरफ्तार आरोपितों में लालदरवाजा निवासी नीरज यादव, पंजाब के जालंधर निवासी हरजिंदर कुमार और राजकुमार, कपूरथला की रमनजीत कौर और निर्मला तथा बेगूसराय के बलिया निवासी नीलम देवी शामिल हैं। नीरज की नाबालिग बेटी को निरुद्ध कर JJB के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। सभी वयस्क आरोपितों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस की जांच में इस केस में संगीता की भूमिका सबसे अहम सामने आ रही है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। एसपी ने कहा कि पूरे मामले की जांच मानव तस्करी के एंगल से भी की जा रही है। कहीं यह किसी बड़े गिरोह का हिस्सा तो नहीं, इसकी भी पड़ताल हो रही है।

 


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