3 राज्यों की 5 विधानसभा सीटों और असम की एक लोकसभा सीट पर उपचुनाव के लिए वोटिंग जारी है। पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के साथ-साथ ममता बनर्जी तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस पार्टी की नाक का सवाल है। तमिलनाडु में सत्ताधारी तमिलागा वेट्री कड़गम (TVK) इन दो सीटों पर जीत हासिल करके अपनी संख्या बढ़ाने की उम्मीद कर रही है। असम की नौगांव लोकसभा सीट पर कांग्रेस की पूरी कोशिस है कि वह इस सीट को अपने पास बरकरार रखे। पुडुचेरी की भी एक सीट पर आज वोट डाले जा रहे हैं क्योंकि यह सीट मुख्यमंत्री एन रंगास्वामी के इस्तीफे के कारण खाली हुई है। इन सभी सीटों पर हो रहे उपचुनाव के नतीजे 9 अक्तूबर को आएंगे।
पढ़ें हर जरूरी अपडेट
9:43 am
क्या बोले गुलाम अली अहमद?
रेजीनगर से AJUP के उम्मीदवार गुलाम अली अहमद का कहना है कि अगर निष्पक्ष चुनाव होता तो वह 100 प्रतिशत जीतते। उन्होंने आरोप लगाए कि पुलिस मतदाताओं को धमका रही है।
9:41 am
हिरासत में लिए गए हुमायूं कबीर
AJUP के विधायक और मुखिया हुमायूं कबीर को उनके पार्टी दफ्तर से ही पुलिस ने हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए जाने से थोड़ी देर पहले हुमायूं कबीर ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि पुलिस सारे बूथ लूट रही है। उन्होंने यह बातचीत अपना वोट डालने की बाद की थी।
9:36 am
बंगाल में कड़ा है मुकाबला
पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए केंद्रीय बलों की कुल 71 कंपनियां तैनात की गई हैं। शुभेंदु अधिकारी ने 2026 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीट से जीत हासिल की थी और मुख्यमंत्री बनने के बाद भवानीपुर सीट बरकरार रखी, जिसके कारण नंदीग्राम में उपचुनाव की जरूरत पड़ी। बीजेपी ने चंद्रनाथ रथ की मां हासिरानी रथ को उम्मीदवार बनाया है। चंद्रनाथ, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी थे। विधानसभा चुनाव में बीजेपी की जीत के दो दिन बाद 6 मई को चंद्रनाथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल धड़े की उम्मीदवार संचित प्रधान डे ने शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद अपना नाम वापस ले लिया था। इसके बाद ममता बनर्जी के पास अपना कोई उम्मीदवार नहीं बचा और उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान का समर्थन किया। उन्होंने इसे इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव अलायंस (इंडिया) को मजबूत करने की कोशिश बताया। ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल के प्रतिद्वंद्वी धड़े ने मोहम्मद एतेशामुल हक को लिफाफा चुनाव चिह्न और एक अलग अस्थायी पार्टी पहचान के साथ मैदान में उतारा है।
रेजीनगर सीट उस समय खाली हुई जब 2026 के विधानसभा चुनाव में रेजीनगर और नवादा दोनों सीटों से जीतने वाले हुमायूं कबीर ने नवादा सीट बरकरार रखी। उनकी पार्टी आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) ने हुमायूं कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद को उम्मीदवार बनाया है। चुनाव मैदान में बीजेपी के उम्मीदवार और मुर्शिदाबाद जिले के पूर्व अध्यक्ष सखराव सरकार, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल धड़े के उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी, तृणमूल के प्रतिद्वंद्वी धड़े के उम्मीदवार सफीउज्जमान शेख, कांग्रेस उम्मीदवार मोहम्मद अब्दुल्लाहिल काफी और माकपा के सैयद असद अली शामिल हैं।
9:32 am
सीटें बढ़ाने पर TVK की नजर
तमिलनाडु की मदुरांतकम और धारापुरम आरक्षित विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मंगलवार सुबह सात बजे मतदान शुरू हुआ।मतदान शुरू होने से पहले अधिकारियों ने दोनों विधानसभा क्षेत्रों में राजनीतिक दलों के एजेंटों की मौजूदगी में ‘मॉक पोल’ कराया, ताकि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के सही तरीके से काम करने की जांच की जा सके। इन दोनों सीट पर उपचुनाव AIADMK के टिकट पर जीतीं के. मरगतम कुमारवेल (मदुरांतकम) और पी. सत्यबामा (धारापुरम) के इस्तीफे के कारण जरूरी हुए। बाद में दोनों सत्तारूढ़ तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) में शामिल हो गईं। TVK ने दोनों पूर्व अन्नाद्रमुक नेताओं को क्रमश: मदुरांतकम और धारापुरम से फिर उम्मीदवार बनाया है।
9:30 am
नगांव में BJP vs कांग्रेस
असम की नगांव लोकसभा सीट कांग्रेस के सांसद रहे प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे के कारण खाली हो गई थी। प्रद्युत बोरदोलोई ने लोकसभा से इस्तीफा देने के बाद बीजेपी के टिकट पर दिसपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। उपचुनाव में कुल 15 उम्मीदवार मैदान में हैं लेकिन मुख्य मुकाबला बीजेपी के उम्मीदवार और भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के पूर्व अधिकारी देवाशीष शर्मा, पूर्व कांग्रेस विधायक शिवमोनी बोरा और ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) प्रमुख बदरुद्दीन अजमल के बीच माना जा रहा है।
9:28 am
पुडुचेरी की एक सीट पर चुनाव
पुडुचेरी की थट्टांचावडी विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के बीच मंगलवार सुबह सात बजे मतदान शुरू हो गया। इस उपचुनाव को मुख्यमंत्री एन. रंगासामी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार के लिए पहली बड़ी राजनीतिक परीक्षा माना जा रहा है। इस सरकार को बने अभी चार महीने ही हुए हैं। रंगासामी के इस सीट से इस्तीफा देने के बाद उपचुनाव कराना जरूरी हो गया है चुनावी मैदान में कुल 11 उम्मीदवार हैं, लेकिन मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ ऑल इंडिया एनआर कांग्रेस (एआईएनआरसी) के नेतृत्व वाले राजग, कांग्रेस और उसकी पूर्व सहयोगी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) के बीच माना जा रहा है। AINRC ने पूर्व विधायक अशोक आनंद, द्रमुक ने सेधु सेल्वम और कांग्रेस ने ई विनायगम को मैदान में उतारा है।
