समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने दावा किया है कि दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शनों की वजह से उनके दल की एक राज्यसभा सीट चली गई है। उनका कहना है कि अगर दिल्ली में प्रदर्शन नहीं होता तो राज्यसभा की वह सीट बच जाती। उन्होंने दावा किया है कि जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देते हैं, चुनाव निष्पक्ष तरीके से नहीं हो सकते हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त को इस्तीफा देना ही होगा।

अखिलेश यादव ने दिल्ली पुलिस की हिरासत पर तंज कसते हुए कहा कि  दिल्ली पुलिस उन्हें हिरासत में नहीं ले रही है, बल्कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मिलाने ले जा रही है। उन्होंने दावा किया कि पुलिस उन्हें व्यक्तिगत तौर पर ज्ञानेश कुमार के पास ले जाएगी, जहां वह व्यक्तिगत हकर इस्तीफा देंगे। अखिलेश यादव का यह बयान, सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

'राज्यसभा की एक सीट चली गई, सड़कों की बात कर रहे हो'

अखिलश यादव से BBC के पत्रकार दिलनवाज पाशा ने पूछा, 'अखिलेश जी, बस एक सवाल, यह कब तक सड़कों पे चलेगा आपका?' जवाब में जो उन्होंने कहा वह मजेदार है-

अखिलेश यादव, राष्ट्रीय अध्यक्ष, समाजवादी पार्टी:-
अरे यार, हमारा एक राज्यसभा चला गया तुम सड़कों की बात कर रहे आंदोलन की वजह से। पूरी बीजेपी टूटने को तैयार थी। पूरे बीजेपी के सहयोगी टूट रहे थे। 

क्या समाजवादी पार्टी अब सड़कों पर उतरेगी?

अखिलेश यादव ने इस सवाल के जवाब में कहा कि ऐसे ही लड़ते रहेंगे। इनकी वोटर लिस्ट ठीक करते रहेंगे। अखिलेश यादव, हिरासत के दौरान पुलिस के सवालों का जवाब भी देते रहे। उन्होंने कहा कि वह अपनी मांगों पर अड़े रहेंगे, ज्ञानेश कुमार को मुख्य चुनाव आयुक्त के पद से इस्तीफा देना ही होगा। 

 

अखिलेश यादव से एक पत्रकार ने सवाल किया, 'पुलिस ने आपको हिरासत में ले लिया है आप क्या कहना चाहेंगे?'अखिलेश यादव ने कहा, 'अभी पुलिस हमको ज्ञानेश कुमार से व्यक्तिगत मिलाने ले जा रही है। ज्ञानेश जी ने कहा है कि हम व्यतिगत मिलकर इस्तीफा देंगे।'

कैसा रहा विपक्ष का प्रदर्शन?

विपक्षी सांसदों ने मंगलवार सुबह संसद भवन से नारेबाजी करते हुए निर्वाचन आयोग की तरफ मार्च निकाला। अखिलेश यादव बस में बैठे रहे, राहुल गांधी आकाशवाणी भवन पहुंच गए। पुलिस ने उन्हें करीब 200 मीटर पहले रोक लिया और ज्यादातर को बसों में बैठाकर ले गई। दोपहर में लग रहा था कि प्रदर्शन खत्म हो गया है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने तस्वीर बदल दी। प्रियंका बस से उतरकर राहुल गांधी के साथ आकाशवाणी भवन के अंदर घुस गईं। 

 

कर्मचारी रोकने की कोशिश में रहे, लेकिन दोनों अंदर चले गए और पेड़ के नीचे बैठ गए। कई कांग्रेस नेता भी बाद में अंदर पहुंच गए। वहां चिप्स, पानी और ठंडे पेय की व्यवस्था हुई। राहुल गांधी ने पत्रकारों से कहा कि वे लोकतंत्र की रक्षा के लिए वहां हैं और भाजपा की परवाह नहीं करते। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के साथ धोखा हुआ है और किसी को बख्शा नहीं जाएगा।