एआईएमआईएम के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने समाजवादी पार्टी को गठबंधन का खुला ऑफर दिया है। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी नहीं चाहती है कि यूपी में बीजेपी की सरकार बने। मैं अखिलेश के साथ हाथ मिलने को तैयार हूं। मुरादाबाद जिले में एक कार्यक्रम में ओवैसी ने कहा कि मुसलमान अब दरी नहीं बिछाएगा। हमें भी अब बराबरी चाहिए। हमारी लड़ाई किसी धर्म के खिलाफ नहीं है।

 

अपने संबोधन में ओवैसी ने कहा, 'हम किसी धर्म के खिलाफ न थे और न रहेंगे। हमारी लड़ाई किसी धर्म के खिलाफ न थी और न रहेगी। हमारी लड़ाई इज्जत, हुकूक, इंसाफ और हिस्सेदारी की लड़ाई है। अब हम दरी बिछाकर नीचे नहीं बैठना चाहते हैं। अब हम बराबरी चाहते हैं। अगर कुर्सी होगी और अखिलेश कुर्सी पर बैठेंगे तो ओवैसी उस कुर्सी के सामने पैर पर पैर डालकर हक और इंसाफ की मांग करेगा।'

 

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ओवैसी ने मंच से ही समाजवादी पार्टी को साथ चुनाव लड़ने का ऑफर दिया। कहा कि अभी सही वक्त है। बाद में रोना नहीं कि ओवैसी ने नुकसान कर दिया है। हालांकि उनके बयान पर अभी तक समाजवादी पार्टी ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।

आज वक्त है, बात कर लो... बाद में रोना नहीं

ओवैसी ने कहा, 'मैं पहले भी कह चुका हूं और आज भी कह रहा हूं कि मजलिस नहीं चाहती कि उत्तर प्रदेश में दोबारा भाजपा की सरकार बने। मैं हाथ मिलाने को तैयार हूं। मैं गठबंधन करने को तैयार हूं। आज वक्त है... बात कर लो। चुनाव खत्म होने के बाद रोना नहीं। हम नहीं चाहते कि बीजेपी दोबारा सत्ता में आए। तुम कहते हो कि ओवैसी के लड़ने से हमको नुकसान हो जाता है। चलो मैं तुम्हारे साथ मिलकर लड़ने को तैयार हूं।' 

 

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यूपी में ओवैसी की बिहार वाली रणनीति

अगले साल यानी 2027 में यूपी में विधानसभा चुनाव है। मुख्य मुकालबा सत्तारूढ़ बीजेपी और सपा के बीच है। प्रदेश में मुस्लिम समुदाय की अच्छी खासी आबादी है। माना जाता है कि इस वोट बैंक पर सपा की पकड़ मजबूत है। यूपी में ओवैसी के लगातार कार्यक्रमों ने सपा की मुश्किलें बढ़ा दी है। हैदराबाद के सांसद ने यूपी में ठीक वैसा ही खुला ऑफर दिया है,  जैसा बिहार में तेजस्वी यादव को दिया था। हालांकि तेजस्वी ने उनके साथ हाथ नहीं मिलाया था।