बिहार विधान परिषद की 8 सीटों पर चुनावी रण अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। चुनाव प्रचार थम चुका है और अब सभी की निगाहें कल होने वाले मतदान पर टिकी हैं।  23 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक वोट डाले जाएंगे। चुनाव मैदान में करीब 150 उम्मीदवार हैं, जिनके भाग्य का फैसला लगभग 5.33 लाख मतदाता करेंगे। मतदान को लेकर चुनाव आयोग ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। सुरक्षा व्यवस्था से लेकर मतदान प्रक्रिया तक, सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं।

 

बिहार विधान परिषद की 8 सीटों के लिए कुल 933 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इनमें स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की चार सीटों पर 598 और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की चार सीटों पर 335 मतदान केंद्रों पर वोट डाले जाएंगे। स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में पटना, दरभंगा, तिरहुत और कोसी शामिल हैं, जबकि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में पटना, दरभंगा, तिरहुत और सारण की सीटें शामिल हैं। 

 

यह भी पढ़ें: दलेर मेहंदी विवाद: नरोत्तम मिश्रा से कुछ सीख नहीं पाए सुबोध उनियाल?

5 लाख से ज्यादा मतदाता

राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए 4 लाख 40 हजार से अधिक मतदाता हैं, जबकि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए करीब 93 हजार मतदाता हैं। कुल मिलाकर 5.33 लाख मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। आयोग ने सभी मतदान केंद्रों पर बैलेट पेपर से मतदान कराने की व्यवस्था की है। पटना, दरभंगा, तिरहुत, कोसी स्नातक और पटना, दरभंगा, तिरहुत, सारण शिक्षक सीट पर चुनाव, 5.33 लाख मतदाता डालेंगे वोट, बैलेट पेपर से मतदान होगा।

किस सीट पर नजर?

पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र पर सबकी खास नजर टिकी हुई है। यहां जेडीयू के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधान पार्षद नीरज कुमार और जन सुराज समर्थित उम्मीदवार अनूप सिंह के बीच सीधा मुकाबला चर्चा में है। अनंत  के समर्थन के कारण यह सीट और भी दिलचस्प हो गई है।


पटना स्नातक सीट पर मुकाबला त्रिकोणीय बताया जा रहा है। एनडीए की ओर से नीरज कुमार मैदान में हैं, जिनके साथ पूरी एनडीए की ताकत है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से लेकर पूरी जेडीयू और बीजेपी उनके प्रचार में जुटी रही। वहीं, जन सुराज ने अनूप सिंह को समर्थन दिया है। अनूप सिंह को बाहुबली नेता अनंत सिंह का समर्थन मिलने से मुकाबला और भी रोचक हो गया है। अनंत सिंह का मोकामा और पटना क्षेत्र में अच्छा प्रभाव माना जाता है। दरभंगा, तिरहुत और कोसी स्नातक सीट पर भी कड़ा मुकाबला है। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की बात करें तो पटना शिक्षक सीट पर भी एनडीए और महागठबंधन के बीच सीधी टक्कर है। सारण शिक्षक सीट पर भी कई दिग्गज मैदान में हैं

 

यह भी पढ़ें: खुद नशा करते थे, फिर कैसे बने एंटी ड्रग एक्टिविस्ट, परविंदर सिंह झोटा की कहानी

आयोग ने की तैयारी

चुनाव आयोग ने मतदान को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष कराने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। सभी मतदान केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किए जाएंगे। संवेदनशील बूथों पर अतिरिक्त जवानों की तैनाती होगी। साथ ही वीडियोग्राफी और सीसीटीवी से निगरानी की जाएगी।

 

आयोग ने सभी जिलाधिकारियों और एसपी को निर्देश दिया है कि मतदान के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो। मतदान के बाद मतपेटियों को स्ट्रांग रूम में रखा जाएगा। मतगणना 28 अक्टूबर को होगी। इसी दिन तय हो जाएगा कि विधान परिषद में किसका दबदबा रहेगा। बता दें कि विधान परिषद चुनाव को आम चुनाव जैसा शोर-शराबा नहीं होता, लेकिन इसका महत्व बहुत ज्यादा है। शिक्षक और स्नातक मतदाता पढ़े-लिखे होते हैं और उनका फैसला बिहार की राजनीति की दिशा तय करता है। पिछले चुनाव में भी इन सीटों पर कांटे की टक्कर हुई थी।