उत्तराखंड की 70 विधानसभा सीटों पर कम से कम 46 राजनीतिक पार्टियां चुनावी मैदान में उतरती हैं। बोलबाला सिर्फ 2 दलों का रहता है, भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस। साल 2017 के बाद समीकरण तो भारतीय जनता पार्टी के पक्ष में पूरी तरह से आ गए थे लेकिन उससे पहले भी दो मुख्य दलों में ही सियासी लड़ाई रही है। 

भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के अलावा, बहुजन समाज पार्टी, आम आदमी पार्टी, आजाद समाज पार्टी (कांशी राम), उत्तराखंड जन एकता पार्टी, समाजवादी पार्टी, बहुजन समाज पार्टी, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया, उत्तराखंड परिवर्तन दल, उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी और उत्तराखंड क्रांतिदल हैं। इन दिनों में उत्तराखंड क्रांति दल की राजनीति, बाकी दलों से काफी अलग है। 

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47 साल तक संघर्ष, कैसे बनेगा काम?

इन दलों में ही उत्तराखंड क्रांति दल भी शामिल है। हर चुनाव में यह पार्टी उतरती है लेकिन नतीजे सिर्फ 2002 और 2007 के चुनाव में संतोषजनक स्थिति में रहे। पार्टी स्थानीय है लेकिन सीमित पहुंच, कम लोक प्रिय चेहरे और प्रचार संसाधनों की कमी की वजह से पार्टी के पक्ष में कभी लहर बना ही नहीं। तब भी 47 साल से यह पार्टी संघर्ष कर रही है। 

2022 में किस हाल में था उत्तराखंड क्रांति दल?

  • BJP: 47 सीटें
  • INC: 19 सीटें
  • IND: 2 सीटें
  • BSP: 2 सीटें
  • अन्य दल: 0 सीटें

उत्तराखंड क्रांति दल का इतिहास क्या है?

उत्तराखंड क्रांति दल की स्थापना साल 1979 में हुई थी। उत्तराखंड क्रांति दल ने अब तक कुल 8 चुनाव लड़े हैं। उत्तराखंड बनने से पहले और उत्तराखंड बनने के बाद, दोनों समयावधि को मिलाकर भी। चुनावी सफलता इस दल के हिस्से नहीं आई। भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के प्रभुत्व वाले राज्य में यह पार्टी 3 बार के विधानसभा चुनावों में अपना खाता तक नहीं खोल सकी है। आखिरी सफलता साल 2002 और 2007 के विधानसभा चुनाव में ही मिली थी। 

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आंकड़ों में कैसा है उत्तराखंड क्रांति दल?

  • विधानसभा चुनाव 2022: 0 सीट, वोट शेयर- 1.09%
  • विधानसभा चुनाव 2020: 0 सीट, वोट शेयर- 0.01%
  • विधानसभा चुनाव 2017 (उत्तराखंड): 0 सीट, वोट शेयर- 0.81%
  • विधानसभा चुनाव 2007: 3 सीट, वोट शेयर- 5.49%
  • विधानसभा चुनाव 2002: 4 सीट, वोट शेयर- 5.49%
  • विधानसभा चुनाव 1998: 0 सीट, वोट शेयर- 0.06%
  • विधानसभा चुनाव 1996: 0 सीट, वोट शेयर- 0.22%

कौन चला रहा है उत्तराखंड क्रांति दल?

उत्तराखंड क्रांति दल के केंद्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती हैं। संरक्षण मंडल में 2 अन्य नेता हैं। काशी सिंह ऐरी, नारायण सिंह जंतवाल। दोनों नेता विधायक रह चुके हैं। महिला नेताओं में मेजर (रि.) संतोष भंडारी हैं। कई पूर्व फौजी इस पार्टी के सदस्य हैं। 

उत्तराखंड क्रांति दल:-
हम उत्तराखंड को एक समृद्ध, आत्मनिर्भर और खुशहाल राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारा मानना है कि विकास का लाभ हर गांव, हर शहर और हर परिवार तक पहुंचना चाहिए।

2027 के लिए पार्टी का एजेंडा क्या है?

पार्टी ने साल 2027 में होने वाले विधासभा के लिए एक प्रस्तावित घोषणापत्र जारी कर चुकी है। उत्तराखंड की यह पार्टी स्थानीय पर जोर देने का दावा करती है, उत्तराखंड में बेहतर खेती, पहाड़ियों गांवों के संरक्षण और सांस्कृति धरोहरों को संजोने की बात करती है। 

रोजगार और युवा सशक्तिकरण

  • राज्य के युवाओं को सरकारी और निजी नौकरियों में प्राथमिकता
  • स्थानीय उद्योग, पर्यटन और हस्तशिल्प को बढ़ावा देकर रोजगार सृजन
  • तकनीकी और कौशल विकास केंद्रों की स्थापना

कृषि और किसान कल्याण

  • फसल का उचित समर्थन मूल्य (MSP) सुनिश्चित करना
  • आधुनिक खेती के उपकरण और प्रशिक्षण की सुविधा
  • किसानों के लिए सस्ती और आसान ऋण व्यवस्था

बुनियादी ढांचा और सुविधाएं

  • हर गांव तक पक्की सड़क और सार्वजनिक परिवहन
  • 24×7 बिजली और साफ पेयजल की गारंटी
  • ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में डिजिटल कनेक्टिविटी

स्वास्थ्य सेवाएं

  • हर ब्लॉक में आधुनिक अस्पताल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र
  • मुफ्त दवाओं और जरूरी जांच की सुविधा
  • आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा हर क्षेत्र में

शिक्षा और कौशल विकास

  • सरकारी स्कूलों में आधुनिक शिक्षा व्यवस्था और स्मार्ट क्लासरूम
  • उच्च शिक्षा में छात्रवृत्ति और निशुल्क किताबें
  • व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्रों का विस्तार

पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त शासन

  • सरकारी कार्यों में पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही
  • जनता के पैसे का सही उपयोग और नियमित ऑडिट
  • भ्रष्टाचार में संलिप्त लोगों पर सख्त कार्रवाई

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उत्तराखंड क्रांति दल BJP-कांग्रेस के सामने टिकी कैसे है?

बीजेपी उत्तराखंड में विकास, हिंदुत्व और पर्यटन पर जोर देती है। कांग्रेस उत्तराखंड के पर्यावरण, अल्पसंख्यक हितों और पलायन रोकने पर जोर देती है। वहीं उत्तराखंड क्रांति दल की मांगें और एजेंडा, सबसे अलग है। UKKD पहाड़ी लोगों के अधिकार की बात करती है। पार्टी ने अपनी वेबसाइट https://ourukd.in/ पर लिखा है कि सबसे प्रमुख मांग मूल निवासियों को रोजगार और संसाधनों में 100 प्रतिशथ प्राथमिकता देना है। 

 

उत्तराखंड क्रांति दल की मांग है कि चमोली जिले में स्थित गैरसैंण को स्थाई राजधानी बना दी जाए, जिससे पलायन रुके और प्रभावी नीति तैयार हो। अभी इसे ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित की गई है। UKD का मानना है कि जब तक इन मुद्दों का समाधान नहीं होगा, तब तक राज्य का विकास नहीं होगा। यह दल उत्तराखंड की पहचान उसकी संस्कृति, परंपरा और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की बात कहता है। पार्टी समाजवादी व्यवस्था चाहती है, जहां विकास की पहुंच हर वर्ग तक हो। 

 

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चुनौती क्या है?

बीजेपी और कांग्रेस दोनों राष्ट्रीय पार्टियां हैं। उत्तराखंड क्रांति दल स्थानीय पार्टी है। पार्टी में कई बड़े नाम हैं लेकिन उनकी लोकप्रियता भी सीमित है। पार्टी सीमित संसाधनों और बजट की वजह से उस तरह प्रचार नहीं कर पाती है, जैसी बड़ी पार्टियों के पास है। स्थानीय मुद्दे पार्टी अच्छे उठाती है लेकिन उस पर जनता भरोसा कम कर पाती है।