पंजाब में करीब पांच महीने बाद विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और इस महीने के अंत तक राज्य में चुनाव प्रचार बड़े स्तर पर शुरू हो जाएगा। देश की दो राष्ट्रीय पार्टियां भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और कांग्रेस राज्य में बड़ी राजनीतिक यात्राएं करने की तैयारी कर रही हैं। दोनों दलों के प्रमुख केंद्रीय नेता भी इन यात्राओं में शामिल होंगे। कांग्रेस की ओर से खुद राहुल गांधी यात्रा की अगुवाई कर सकते हैं। वहीं, बीजेपी की यात्रा में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन शामिल होंगे। इसके साथ ही अटकलें लगाई जा रही हैं कि पीएम मोदी और अमित शाह भी इन यात्राओं में शामिल हो सकते हैं। 

 

पंजाब बीजेपी तीन अलग-अलग यात्राएं निकालने का प्लान बना रही है। आज बीजेपी नेता और पंजाब यूनिट के प्रधान केवल सिंह ढिल्लों ने DGP गौरव यादव से मुलाकात कर बीजेपी की 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा' के लिए सुरक्षा की मांग की है। यह यात्रा बीजेपी  18 सितंबर से 30 सितंबर तक करेगी और इस दौरान सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों को कवर करेगी। 

 

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पश्चिम बंगाल की तर्ज पर यात्रा

भारतीय जनता पार्टी ने इस साल पश्चिम बंगाल में भी पहली बार सरकार बनाई है। बंगाल में भी चुनाव से पहले बीजेपी ने महिला सुरक्षा के मुद्दे पर टीएमसी के आक्रमक प्रचार अभियान चलाया था। चुनाव से ठीक पहले बीजेपी ने यात्रा निकाली और इससे ममता बनर्जी के खिलाफ माहौल बनाया। ऐसा ही कुछ अब बीजेपी पंजाब में करने का प्लान कर रही है। पंजाब में बीजेपी ने कुल चार रूट पर यात्रा निकालने का प्लान बनाया है और इसके जरिए सभी 117 सीटों तक पार्टी पहुंचेगी। गौरतलब है कि इस बार बीजेपी लगातार सभी सीटों पर बिना गठबंधन के चुनाव लड़ने की बात कर रही है। 

तीन मुद्दों पर सरकार को घेरेगी

बीजेपी के प्रेदश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने इस यात्रा को लेकर कहा कि बढ़ता नशा, बिगड़ती कानून-व्यवस्था और तहसील तथा थाने से लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय फैला भ्रष्टाचार पंजाब की मुख्य समस्याएं हैं और बीजेपी इन्हीं के खिलाफ यात्रा निकाल रही है। उन्होंने कहा कियह केवल नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने वाली यात्रा नहीं है, बल्कि नशे से पंजाबियत, हमारी संस्कृति, मूल्यों, साहस और गुरुओं की धरती की गौरवशाली पहचान के सामने पैदा हुए गंभीर खतरे का मुकाबला करने का प्रयास है। बीजेपी को उम्मीद है कि इस यात्रा के जरिए उन्हें आने वाले चुनाव में लाभ मिल सकता है। 

कांग्रेस की यात्रा अटकी

पंजाब में कांग्रेस प्रमुख विपक्षी पार्टी है लेकिन पार्टी के अंदर गुटबाजी के कारण अभी तक प्रचार अभियान शुरू नहीं हुआ है। कांग्रेस आलाकमान ने जुलाई में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए टीम की घोषणा की थी लेकिन टीम में अहम भूमिका मिलने के बावजूद पूर्व सीएम चरनजीत सिंह चन्नी नाराज हो गए। वह अपने समर्थकों के साथ पार्टी प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को हटाने की मांग कर रहे थे। हालांकि, आलाकमान उनकी मांग मानने को तैयार नहीं है। इस पूरे विवाद के बीच राहुल गांधी की प्रस्तावित यात्रा लगातार लेट हो रही है। इसकी घोषणा के बाद भी कांग्रेस अब तक यात्रा शुरू करने का प्लान नहीं बना पाई है। 

 

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क्या पायलट खत्म करेंगे गुटबाजी? 

राहुल गांधी की यात्रा को लेकर भूपेश बघेल तैयारी कर रहे थे लेकिन पार्टी के अंदर की गुटबाजी के कारण पार्टी ने उन्हें ही हटा दिया। अब उनकी जगह राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट को पंजाब का प्रभार दिया गया है। उनको प्रभारी बनाए जाने के बाद से तमाम गुटों के नेता उनसे मुलाकात कर चुके हैं। कल 15 सितंबर को उनकी अगुवाई में पंजाब के वित्त मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर पंजाब कांग्रेस प्रदर्शन करेगी। इसको लेकर तमाम गुटों ने अपील की है। अब तक पार्टी के कार्यक्रमों से दूरी बनाने वाले चरनजीत सिंह चन्नी ने खुद इस कार्यक्रम को लेकर पोस्ट किया है और लोगों से चंडीगढ़ पहुंचने की अपील की है। 

 

बुधवार को सचिन पायलच प्रभारी बनने के बाद पहली बार पंजाब आएंगे और कल प्रदर्शन के बाद पंजाब कांग्रेस के आगामी प्लान को लेकर कई चीजें साफ हो सकती हैं। सचिन पायलट के सामने पहली चुनौती कांग्रेस के सभी नेताओं को एक मंच पर लाना है और उसके बाद राहुल गांधी की यात्रा के लिए तैयारी करना है। सितंबर के लास्ट हफ्ते में राहुल गांधी की यात्रा शुरू हो सकती है।