उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में समाजवादी पार्टी ने एमएलसी चुनाव से ठीक पहले बड़ा सियासी फेरबदल किया है। बीजेपी से टिकट कटने के बाद पार्टी का झंडा उतारकर बगावत का एलान करने वाले डॉ. संजयन त्रिपाठी ने शनिवार को अखिलेश यादव से मुलाकात की और सपा में शामिल हो गए।

 

इसके तुरंत बाद सपा ने गोरखपुर-फैजाबाद सीट से अपना प्रत्याशी बदल दिया। वहीं आगरा शिक्षक सीट पर भी उम्मीदवार बदल दिया गया। एक साथ दो सीटों पर प्रत्याशी बदलने के फैसले ने यूपी की सियासत में हलचल बढ़ा दी है।

 

डॉ. संजयन त्रिपाठी गोरखपुर-फैजाबाद सीट से बीजेपी के टिकट के दावेदार थे। बीजेपी ने उनकी जगह ध्रुव कुमार त्रिपाठी को प्रत्याशी बनाया। टिकट कटने के बाद संजयन त्रिपाठी ने खुलकर नाराजगी जताई। उन्होंने अपनी गाड़ी से बीजेपी का झंडा उतार दिया था। इसके साथ ही कार्यकर्ताओं के बीच भावुक अंदाज में निर्दलीय चुनाव लड़ने का एलान भी किया था। संजयन ने पार्टी के लिए लंबे समय तक काम करने के बावजूद अनदेखी किए जाने पर नाराजगी जाहिर की थी।

अखिलेश से मुलाकात के बाद बदला पूरा खेल

बीजेपी से नाराजगी के बाद संजयन त्रिपाठी का सियासी रुख तेजी से बदला। शनिवार को उन्होंने लखनऊ में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की। इसके बाद उन्होंने समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। संजयन की सपा में एंट्री के कुछ ही समय बाद पार्टी ने गोरखपुर-फैजाबाद सीट पर पहले घोषित उम्मीदवार कमलेश यादव का टिकट बदल दिया और संजयन त्रिपाठी को प्रत्याशी घोषित कर दिया। यानी जिस सीट से वह बीजेपी का टिकट मांग रहे थे, अब उसी सीट पर वह बीजेपी के घोषित उम्मीदवार ध्रुव कुमार त्रिपाठी के सामने सपा के टिकट पर चुनाव लड़ेंगे।

 

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आगरा सीट पर भी बदला प्रत्याशी

सपा ने केवल गोरखपुर-फैजाबाद सीट पर ही बदलाव नहीं किया। आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भी पार्टी ने अपना उम्मीदवार बदल दिया। यहां पहले प्रकाश चंद्र गुप्ता को प्रत्याशी बनाया गया था। अब उनकी जगह पूर्व MLC डॉ. आकाश अग्रवाल को मैदान में उतारा गया है। इस तरह सपा ने एक ही समय में दो MLC सीटों पर अपने प्रत्याशी बदल दिए हैं।

 

अखिलेश यादव की ओर से प्रत्याशी बदलाव को लेकर कहा गया कि पूर्व घोषित उम्मीदवारों की सहमति से यह परिवर्तन किया गया है। पार्टी ने दोनों पूर्व प्रत्याशियों के सहयोग और त्याग के लिए आभार जताया है। हालांकि संजयन त्रिपाठी का मामला इस पूरे फेरबदल में सबसे ज्यादा चर्चा में है। 

सपा में लाने में विनय शंकर तिवारी की भूमिका

संजयन त्रिपाठी की अखिलेश यादव से मुलाकात में पूर्व विधायक विनय शंकर तिवारी की भूमिका भी बताई जा रही है। मुलाकात के बाद संजयन की सपा में एंट्री हुई और फिर उन्हें गोरखपुर-फैजाबाद सीट से प्रत्याशी बना दिया गया। गोरखपुर की राजनीति में तिवारी परिवार की लंबे समय से सक्रियता रही है और परिवार के कई नेता अब समाजवादी पार्टी के साथ हैं।

 

संजयन त्रिपाठी के सपा में आने के बाद गोरखपुर-फैजाबाद MLC सीट का मुकाबला भी नया रूप ले चुका है। बीजेपी ने यहां ध्रुव कुमार त्रिपाठी को मैदान में उतारा है, जबकि सपा ने अब संजयन त्रिपाठी पर दांव लगाया है।

 

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MLC चुनाव से पहले सपा का बड़ा फेरबदल

विधान परिषद चुनाव से ठीक पहले दो सीटों पर उम्मीदवार बदलने का फैसला सपा के लिए महत्वपूर्ण संगठनात्मक बदलाव है। खास तौर पर संजयन त्रिपाठी को टिकट दिए जाने से गोरखपुर-फैजाबाद सीट पर मुकाबला और ज्यादा चर्चा में आ गया है। अब देखना होगा कि सपा के इस अचानक फेरबदल का दोनों सीटों के चुनावी समीकरण पर क्या असर पड़ता है और बीजेपी इस बदलाव के बाद अपनी रणनीति किस तरह आगे बढ़ाती है।