जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाल किले से दिए गए स्वतंत्रता दिवस के भाषण पर तंज कसा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि देश नक्सलमुक्त हो गया है, हथियार वाले माओवादी खत्म हो गए हैं लेकिन दिमागी नक्सलियों से सावधान रहने की जरूरत है, अब तेज प्रताप यादव ने प्रधानमंत्री मोदी के इसी बयान को लेकर नाराजगी जताई है।

उन्होंने कहा कि अब किसी को पहचानने की जरूरत नहीं है। पीएम मोदी खुद बता देंगे कि कौन मानसिक रूप से बीमार है और कौन नक्सलवादी है। तेज प्रताप ने कहा कि पीएम मोदी को बिहार और देश घूमकर देखना चाहिए कि किसकी सोच कैसी है। 

 

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'हो सकता है कि बीजेपी में हों नक्सली-पागल'

तेज प्रताप ने नाराजगी जाहिर करते हुए यह भी कहा कि हो सकता है कि जिन्हें वे नक्सलवादी या पागल कह रहे हैं, वे उनके अपने दल भारतीय जनता पार्टी में ही हों। ऐसे कई लोग हैं। उन्होंने आगे कहा कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर वे किसी पर टिप्पणी नहीं करना चाहते। कौन कैसा है, यह हर कोई खुद जानता है और आज सब आजाद हैं।

तेज प्रताप यादव ने क्या कहा?

तेज प्रताप यादव, अध्यक्ष, जनशक्ति जनता दल:-
मोदी जी बताएंगे कि कौन दिमागी रूप से पागल है, कौन नक्सली है। मोदी जी ज्यादा जानते होंगे। वह आकर, पूरे देश में घूमकर, बिहार में घूमकर निकालें कि कौन किस माइंड सेट का आदमी है। हो सकता है कि जिसे वह नक्सली और पागल ठहरा रहे हों, वह उन्हीं के दल में हो, बीजेपी में हो। बहुत सारे लोग, ऐसे लोग। 

तेज प्रताप यादव ने कहा, 'स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मैं किसी पर टिप्पणी नहीं करना चाहता हूं। कौन दिमागी रूप से पागल है, आज स्वतंत्र है।'

 

 



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पीएम मोदी की कौन सी बात तेज प्रताप को खटक गई?

पीएम मोदी ने लाल किले पर नक्सलवाद का जिक्र किया था। उन्होंने कहा, सालों तक माओवादी सोच वाले लोग देश की सत्ता के गलियारों में जमे रहे, इस माओवादी विचारधारा ने सरकारी कमेटियों में सलाहकारों की भूमिका के जरिए नीतियों को भी प्रभावित किया। हम जंगलों में हथियारबंद नक्सलियों को खत्म करने और देश को उस संकट से मुक्त कराने में सफल रहे हैं।

नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री:-
हथियारबंद नक्सली तो चले गए, लेकिन 'दिमागी नक्सली' अभी भी मौजूद हैं और ऐसी सोच रखने वाले लोग मौके की तलाश में हैं। वे हिंसा और अशांति का रास्ता बना रहे हैं, वे समाज को गलत रास्ते पर ले जाने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपना रहे हैं। हमें इन 'दिमागी नक्सलियों' की पहचान करनी होगी।


प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'हमें उन्हें अलग-थलग करना होगा और देश के युवाओं को देश को विकसित राष्ट्र बनाने की मुख्यधारा की कोशिशों से जोड़ना होगा।' प्रधानमंत्री की इसी बात पर तेज प्रताप यादव ने नाराजगी जाहिर की है।