शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने NEET पेपर लीक केस में देशभर में प्रदर्शन कर रहे छात्रों की सराहना की। उन्होंने रविवार को मुंबई के शिवाजी पार्क में सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह छात्रों का आंदोलन भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खिलाफ बड़ी लड़ाई की शुरुआत है।
उद्धव ठाकरे ने कहा कि छात्रों ने अपनी एकता दिखाकर भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में स्वर्णिम अध्याय लिखा है। यह आंदोलन अब पूरे देश में फैल चुका है। उन्होंने कहा कि वोट चुराए जा सकते हैं, लेकिन लोग नहीं चुराए जा सकते हैं।
यह भी पढ़ें: ममता और उद्धव का हाल देखकर डर गए शरद पवार! आखिर चौतरफा रास्ते क्यों देख रहे हैं?
उद्धव ठाकरे, शिवसेना (UBT):-
'लोग पूछते हैं कि चुनाव में अभी तीन साल बाकी हैं, फिर हम क्यों बोल रहे हैं? इसका जवाब है कि मोदी को अब समझ आ गया है कि वोट चुराए जा सकते हैं, मगर लोग नहीं। आज कोई चुनाव नहीं जीता गया है। देशभक्तों ने अंधभक्तों को हरा दिया है। यह लड़ाई BJP और भारत के बीच है।'
'देश पर ध्यान दीजिए पीएम मोदी'
उद्धव ठाकरे ने कहा, 'मैं प्रधानमंत्री मोदी से कहना चाहता हूं कि अब देश पर ध्यान दीजिए। आपके मंत्री राजनीतिक दलों को तोड़ने में लगे हैं। उनसे कहिए कि देश के लिए काम करें।'
'मैं बच्चों को खोने का गम नहीं भूलूंगा'
उद्धव ठाकरे ने कहा, 'अपने पसंदीदा धर्मेंद्र प्रधान को मंत्रिमंडल से हटाना कितना दर्द भरा था? क्या यह दर्द उन छात्रों के परिवारों के दर्द से बड़ा था, जिनके बच्चे अपनी जान दे बैठे? मैं यह दर्द कभी नहीं भूलूंगा।'
उद्धव ठाकरे ने युवाओं से अपील की कि इस जागरूकता को कम न होने दें। सत्ता के अहंकार को बर्दाश्त न करें। आपने जनता की ताकत दिखा दी है। देश को फिर से कमजोर किसी को न करने दें।
यह भी पढ़ें: ऑपरेशन टाइगर और TMC में बगावत के बाद क्या NDA जुटा पाएगा दो तिहाई बहुमत?
उद्धव ठाकरे ने मत्रियों के बयानों पर ली चुटकी
उद्धव ठाकरे ने कहा, 'वित्त मंत्री महंगाई और गिरते रुपये पर बात नहीं करतीं, लेकिन प्रश्नपत्र लीक के फायदे बताती हैं। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को देश की सीमाओं की रक्षा करनी चाहिए, लेकिन वह प्रधान का बचाव कर रहे हैं। नितिन गडकरी अब एथेनॉल की बात कर रहे हैं। उद्धव ने कहा कि यह अगला बड़ा मुद्दा बनने वाला है।'
राज ठाकरे ने क्या कहा है?
महाराष्ट्र नव निर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे ने कहा, 'छात्रों के सफल विरोध प्रदर्शन ने साबित कर दिया है कि आज की जेन-जेड सरकार को चुनौती दे सकती है।'
मुंबई का विरोध प्रदर्शन कैसा था?
मुंबई में भी दिल्ली की तरह विरोध प्रदर्शन हुआ लेकिन मुंबई पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठियां नहीं बरसाईं। लोगों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का जश्न मनाया। राज ठाकरे ने तंज कसते हुए कहा कि यही दिल्ली पुलिस और मुंबई पुलिस का अंतर है।
