ओडिशा के संबलपुर से लोकसभा सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। मेडिकल पढ़ाई के लिए होने वाली नीट-यूजी परीक्षा के पेपर लीक होने के बाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा में सुधार और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर हुए देशव्यापी छात्र आंदोलन हुआ। दिल्ली के अलावा देशभर में परीक्षाओं में अनियमितताओं और पेपर लीक के खिलाफ छात्रों का भारी प्रदर्शन चला। प्रदर्शनकारी छात्रों और विपक्षी दलों की प्रमुख मांग थी कि शिक्षा मंत्री पद की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे दें।
इसी आंदोलन की वजह से नरेंद्र मोदी सरकार के 12 साल के इतिहास में इतना बड़ा प्रदर्शन हुआ और इसी की वजह से प्रधान ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। शिक्षा मंत्री का इस्तीफा होते ही दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का चल रहा छात्र आंदोलन भी खत्म हो गया।
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धर्मेंद्र प्रधान कर क्या रहे हैं?
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रल्हाद जोशी को देश का नया शिक्षा मंत्री बनाया गया है। वह शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार संभाल चुके हैं। मगर, अब सवाल पैदा हो रहा है कि आखिर शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान कर क्या रहे हैं? देश में ज्ञान की रोशनी बढ़ाने और देश का भविष्य गढ़ने का का जिम्मा जिस प्रधान को मिला था, अब वह कहां हैं? साथ ही लोग यह भी जानना चाहते हैं कि पूर्व शिक्षा मंत्री को बीजेपी नेतृत्व कोई जिम्मेदारी देगा या नहीं? आइए इन्हीं सब सवालों के जवाब जानते हैं...
धर्मेंद्र प्रधान गायब नहीं हुए
दरअसल, देश के पूर्व शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इन दिनों कहीं गायब नहीं हुए हैं बल्कि वह अपने गृह राज्य ओडिशा में सक्रिय हैं। वह ओडिशा में पार्टी और बीजेपी के नेतृत्व वाली मोहन चरण माझी सरकार के कार्यक्रमों में शरीक हो रहे हैं। इसके अलावा प्रधान बीजेपी नेताओं संग बैठकों और धार्मिक कार्यक्रमों में भी शामिल हो रहे हैं।
दिल्ली छोड़कर ओडिशा लौटे
25 जुलाई को पद से इस्तीफा देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान दिल्ली छोड़कर ओडिशा लौट गए थे। इस्तीफे के बाद वह तीन दिन बाद 28 जुलाई को सबसे पहले भुवनेश्वर में वेदांत केसरी स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती प्रमाणिक ग्रंथ उन्मोचन समारोह और इसके बाद एक किताब के विमोचन में देखे गए थे।
ओडिशा के कई कार्यक्रमों में भाग लिया
इसके बाद प्रधान ने 29 जुलाई को ओडिशा के विकास कार्यों से जुड़े कई जरूरी मामलों को लेकर राज्य के मुख्यमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष, राज्य बीजेपी प्रभारी और बीजेपी के सांसदों के साथ चर्चा की थी। इसके अलगे दिन बारिश की वजह से संबलपुर पैदा हुई बाढ़ की स्थिति और उससे निपटने के लिए प्रधान ने ओडिशा के पंचायती राज, ग्रामीण विकास और पीने के पानी के मंत्री रबी नारायण नायक, जिला प्रशासन और सामाजिक संगठनों के सदस्यों के साथ चर्चा की।
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30 जुलाई से 20 अगस्त के बीच प्रधान
इन बैठकों और कार्यक्रमों के अलावा धर्मेंद्र प्रधान मोदी सरकार की खेलो इंडिया, पीएम किसान, समुद्र मंथन आदि योजनाओं का प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने 15 अगस्त के मौके पर हर घर तिरंगा यात्रा में बढ़ चढ़कर भाग लिया। प्रधान 30 जुलाई से लेकर 20 अगस्त तक बीजेपी के कार्यक्रमों, रैलियों और संगठनों की बैठकों में शामिल रहे। इसके साथ ही वह अपने संसदीय क्षेत्र के साथ में ओडिशा में सक्रिय रहे हैं।
छात्रों के साथ में प्रधान की बैठक
20 अगस्त को धर्मेंद्र प्रधान ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्र श्रीकृष्ण रंजन पात्रा की लिखी किताब 'द भारत मॉडल: नेविगेटिंग द 21st सेंचुरी' को लॉन्च किया। इस किताब में बताए गए आइडिया पर उन्होंने युवा छात्रों के एक ग्रुप के साथ बातचीत की। कुल मिलाकर प्रधान शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देकर हर वह काम कर रहे हैं, जिसे एक नेता सांसद के तौर पर करता है। दरअसल, धर्मेंद्र प्रधान बीजेपी के सबसे कुशल संगठनकर्ता के तौर पर भी जाने जाते हैं। बीजेपी उनकी इस काबिलियत को भली-भांति जानती है इसलिए उनको ओडिशा में आगे बढ़ा रही है।
