29 अगस्त से भादो का महीना शुरू हो चुका है। हिंदू धर्म में यह महीना बेहद शुभ माना जाता है। इस महीने में कृष्ण जन्माष्टमी और गणेश चतुर्थी समेत कई पर्व-त्योहार मनाए जाएंगे। हिंदू पंचांग के अनुसार, भादो का महीना साल का छठा महीना माना जाता है। इस हिसाब से यह महीना 29 अगस्त से शुरू होकर 26 सितंबर को खत्म होगा। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भादों के महीने में पूजा-पाठ और पितरों को याद करने से व्यक्ति को सुख-संपत्ति मिलती है।
भादो के महीने में 15 ऐसे दिन हैं, जो पूजा-पाठ और देवी-देवताओं की आराधना के लिए बेहद खास माने जाते हैं। इस महीने में कृष्ण जन्माष्टमी और गणेश चतुर्थी के अलावा कई पर्व-त्योहार मनाए जाएंगे। अब सवाल उठता है कि इस महीने कौन-कौन से त्योहार मनाए जाएंगे? आइए जानते हैं।
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भादो महीने के पर्व-त्योहार
कजरी तीज - 31 अगस्त 2026
हल षष्ठी- 2 सितंबर 2026
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी - 4 सितंबर 2026
अजा एकादशी - 7 सितंबर 2026
भाद्रपद अमावस्या- 11 सितंबर 2026
गणेश चतुर्थी - 14 सितंबर 2026
ऋषि पंचमी व्रत- 15 सितंबर 2026-
ज्येष्ठा गौरी - 17 सितंबर 2026
राधाष्टमी - 19 सितंबर 2026
परिवर्तिनी एकादशी- 22 सितंबर 2026-
वामन जयंती- 23 सितंबर 2026
अनंत चतुर्दशी- 25 सितंबर 2026
भाद्रपद पूर्णिमा- 26 सितंबर 2026
भाद्र मास का महत्व
हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार, भादों का महीना सिर्फ त्योहारों की वजह से खास नहीं है, बल्कि इस महीने लोगों को अपने पितरों का भी आशीर्वाद मिलता है। इससे व्यक्ति को मानसिक शांति मिलती है। साथ ही, जीवन में सुख-संपत्ति और सुख का अनुभव होता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, व्यक्ति को भादों के महीने में रामायण पढ़नी चाहिए और रामायण से मिली सीख को अपने जीवन में अपनाना चाहिए।
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इन बातों का रखें ध्यान
1.भादों के महीने में लोगों को दही और दही से बनी चीजों का सेवन नहीं करना चाहिए।
2.जो लोग शहद और गुड़ खाना पसंद करते हैं, उन्हें शहद और गुड़ का सेवन नहीं करना चाहिए।
3.धार्मिक जानकारों के अनुसार, व्यक्ति को इस महीने दूसरों से मिले चावल खाने से परहेज करना चाहिए।
4.भादों के महीने में लोगों को तामसिक भोजन नहीं करना चाहिए। साथ ही, अपशब्द बोलने से भी बचना चाहिए।
नोट: यह लेख धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है। हम इसकी पुष्टि नहीं करते हैं।
