इस साल अक्टूबर का महीना जैन धर्म के लोगों के लिए बेहद आध्यात्मिक रहने वाला है। इस दौरान जैन धर्म के लोग 4 पर्व-त्योहार मनाएंगे। अक्टूबर महीने का हर त्योहार व्यक्ति को एक नई सीख देगा, जिसे जानकर व्यक्ति अपने आप को और बेहतर बना पाएगा। इस महीने की शुरुआत में रोहिणी पर्व मनाया जाएगा, जो हर महीने मनाया जाता है। इस पर्व में सभी भक्त व्रत रखते हैं और भगवान वासुपूज्य की आराधना करते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, रोहिणी व्रत के प्रभाव से व्यक्ति की हर मनोकामना पूरी होती है। रोहिणी व्रत के 3 और व्रत हैं, जिनके बारे में आपको जानना चाहिए।

 

भगवान वासुपूज्य जैन धर्म के 12वें तीर्थंकर हैं। जिनकी पूजा-पाठ रोहिणी पर्व के दौरान की जाती है। धार्मिक जानकारों के अनुसार, वासुपूज्य ने तपस्या के जरिए ज्ञान की प्राप्ति की थी। उसी प्रकार माना जाता है कि रोहिणी व्रत रखने से लोगों को वासुपूज्य जी का आशीर्वाद मिलता है। अब सवाल उठता है कि अक्टूबर महीने में कौन-कौन से पर्व-त्योहार मनाए जाएंगे। आइए जानते हैं।

 

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कौन से त्योहार हैं?

 

रोहिणी व्रत- 1 अक्टूबर
अश्विन नवपद ओली प्रारंभ- 17 अक्टूबर
अश्विन नवपद ओली पूर्ण- 26 अक्टूबर
रोहिणी व्रत- 29 अक्टूबर


क्या है हर त्योहार का महत्व?

रोहिणी व्रत

 

अक्टूबर महीने की 1 तारीख को रोहिणी त्योहार मनाया जाएगा। इस दिन कई लोग वासुपूज्य स्वामी की पूजा-अर्चना करेंगे। इसके साथ ही सभी लोग व्रत रखेंगे, जिसके प्रभाव से व्यक्ति को सुख, शांति और सौभाग्य प्राप्त होंगे। धार्मिक मान्यता के अनुसार, जिन लोगों की शादी में बाधाएं आती हैं, उन्हें यह व्रत रखना चाहिए। इस व्रत के प्रभाव से व्यक्ति की शादी जल्दी हो सकती है।

 

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 अश्विन नवपद ओली

 

इस त्योहार को नव ओली या आयंबिल पर्व भी कहा जाता है। यह पर्व 17 अक्टूबर से शुरू होगा, जो कुल नौ दिनों तक मनाया जाएगा। इस पर्व के दौरान 9 दिनों तक कठोर तप किया जाता है। यह पर्व व्यक्ति को अपनी इंद्रियों पर नियंत्रण रखने की सीख देता है। इस दौरान 9 दिनों तक सभी लोग ब्रह्मचर्य जीवन अपनाते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, यह त्योहार अनादि काल से चला आ रहा है, जो अनंत काल तक चलता रहेगा।

 

जहां 17 अक्टूबर को नव ओली पर्व की शुरुआत होगी, वहीं 26 अक्टूबर को यह त्योहार खत्म हो जाएगा। इन नौ दिनों की परंपरा अपनाकर व्यक्ति अपने जीव यानी स्वाद पर विजय पा सकता है।

 

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दूसरा रोहिणी व्रत

 

जैन धर्म में 2 बार रोहिणी पर्व मनाया जाता है। उसी प्रकार अक्टूबर महीने में भी 29 तारीख को रोहिणी पर्व मनाया जाएगा, जिसमें महिलाएं समेत पुरुष भी व्रत रखेंगे, ताकि व्यक्ति के जीवन में सुख-शांति बनी रहे।

 

नोट: यह लेख धार्मिक मान्यताओं और गणनाओं पर आधारित है। इसकी पुष्टि हम नहीं करते हैं।