महाराष्ट्र समेत पूरे देश में गणेश चतुर्थी की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। इसी बीच मुंबई में गणेश भगवान की लालबागचा राजा की प्रतिमा की पहली झलक दिखाई गई। गणेश भगवान की सुंदर प्रतिमा देखकर लोगों के बीच अपार श्रद्धा और उत्सव का माहौल बन गया। गणेश भगवान की प्रतिमा बाकी प्रतिमाओं से बेहद अलग और खूबसूरत होती है। इस प्रतिमा की सुंदरता को देखने के लिए मुकेश अंबानी के परिवार से लेकर कई दिग्गज फिल्म स्टार जुटते हैं। साथ ही मुंबई के सभी भक्त लालबागचा राजा की प्रतिमा को देखने के लिए बेकरार रहते हैं। 

 

इस साल पूरे देश में 14 सितंबर से गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया जाएगा। जिसके 10 दिनों बाद गणेश विसर्जन की परंपरा निभाई जाएगी। इससे पहले 11 सितंबर को ही गणेश भगवान के लालबागचा राजा की पहली झलक देखने को मिली। जिसे देख न सिर्फ भक्तों को खुशी हुई, बल्कि कई भक्तों की आंखें खुशी से नम हो गईं। अब सवाल उठता है कि लालबागचा राजा की प्रतिमा बाकी प्रतिमाओं से अलग कैसे है और इस प्रतिमा को लेकर धार्मिक मान्यताएं क्या हैं।

 

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क्यों कहलाते हैं भगवान लालबागचा राजा?

गणेश चतुर्थी का त्योहार पूरे देश में अब हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है। खासतौर पर महाराष्ट्र में बेहद धूमधाम से यह पर्व निभाया जाता है। इसी प्रकार मुंबई के लालबाग इलाके में गणेश उत्सव बेहद भव्य तरीके से मनाया जाता है। जहां गणेश भगवान की बेहद विशाल प्रतिमा विराजमान की जाती है। गणेश भगवान की इसी प्रतिमा को लालबागचा राजा के नाम से जाना जाता है।

 

महाराष्ट्र में गणेशोत्सव की शुरुआत 1934 में हुई थी। उसी दौरान मुंबई के लालबाग इलाके के लोग बेहद परेशान थे, जहां के लोग पेशे से मछुआरे थे। वे लोग स्थायी बाजार चाहते थे। जिसके लिए वहां लोगों ने बेहद कोशिश की थी। उसके बावजूद स्थायी बाजार नहीं मिल पाया। उसके बाद लोगों ने थक-हारकर गणेश भगवान की मूर्ति अपने इलाके में स्थापित की थी, ताकि लोगों की मांग पूरी हो। यहीं से गणेश उत्सव की परंपरा प्रसिद्ध हो गई।

 

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बाकी प्रतिमाओं से है अलग लालबागचा राजा

मुंबई के लालबाग इलाके में गणेश जी की प्रतिमा न सिर्फ बेहद विशाल और सुंदर होती है, बल्कि यहां की प्रतिमा को बेहद खास अंदाज में सजाया जाता है। जहां गणेश भगवान का शांत स्वरूप देखने को मिलता है। साथ ही यहां गणेश भगवान को राजा की तरह सजाया जाता है, जहां वह सिंहासन पर बैठे नजर आते हैं। यही स्वरूप देखने के लिए हर साल लाखों लोग लालबाग आते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, लालबागचा राजा के दर्शन करने से व्यक्ति की हर मनोकामना पूरी होती है। इसी वजह से लाखों की तादाद में लोग यहां दर्शन करने आते हैं।