भारतीय मेंस टीम ने हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में जीत के साथ अपने अभियान का आगाज किया है। टीम ने शनिवार (15 अगस्त) को वेल्स को 3-1 से शिकस्त दी। 'सरपंच साहब' हरमनप्रीत सिंह ने 2 गोल दागे, जबकि संजय राणा ने 1 गोल किया। भारत ने ये तीनों गोल पेनल्टी कॉर्नर (PC) पर दागे। टीम इंडिया के फॉरवर्ड पंक्ति ने कई अच्छे प्रयास किए और PC भी बनाए लेकिन फील्ड गोल नहीं आया, जो जीत के बाद भी टीम के लिए बड़ी चिंता बनी हुई है। 

 

भारत का अगला मैच इंग्लैंड से है, जिसमें उसे गोल के लिए पेनल्टी कॉर्नर पर निर्भरता कम करने और फील्ड गोल पर फोकस दिखाना होगा। इंग्लैंड की टीम वर्ल्ड रैंकिंग नंबर-3 है। भारत 8वें नंबर पर है। वर्ल्ड कप में टीम इंडिया ने 32 साल से इंग्लैंड को नहीं हराया है। भारतीय टीम इस सूखे को खत्म करना चाहेगी। उसे इस मुश्किल मुकाबले में कप्तान हरमनप्रीत पर से भी निर्भरता कम करनी होगी।

 

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PC के भरोसे कहां तक पहुंचेगा भारत?

वेल्स के खिलाफ फॉरवर्ड मनदीप सिंह, अभिषेक नैन और सुखजीत सिंह ने भारत को PC दिलाने में अहम भूमिका निभाई, जिन्हें बाद में गोल में तब्दील किया गया। इन तीनों के बीच तालमेल में कभी-कभी कमी भी दिखी। साथ ही उनमें फाइनल पास, कंट्रोल या फिनिश की कमी थी। 

 

पिछले कुछ सालों में भारत PC के भरोसे ही रहा है। खासकर हरमनप्रीत के ड्रैग फ्लिक से टीम को कामयाबी मिली है। हरमनप्रीत ने कुल 254 गोल किए हैं, जिनमें से 217 (85.43%) गोल PC पर आए हैं। भारत के लगातार दो ओलंपिक मेडल में हरमनप्रीत की अहम भूमिका रही है। जिन मैचों में वह गोल करते हैं, उनमें भारत 69 फीसदी मैच जीतता है।

 

प्रो-लीग में हरमनप्रीत फॉर्म में नहीं थे, जिससे भारत को गोल करने के लिए संघर्ष करना पड़ा। टीम इंडिया 9 टीमों 8वें स्थान पर रही। जिन 10 मैचों में हरमनप्रीत खेले, उनमें भारत ने अपने 43 PC में से सिर्फ 9 को गोल में तब्दील किया। इनमें से हरमनप्रीत ने सिर्फ दो गोल किए। ऐसे में सवाल उठता है कि जिस दिन PC नहीं मिला या हरमनप्रीत नहीं चले तो क्या होगा? इसलिए वेल्स के खिलाफ फील्ड गोल का नहीं आना बड़ी टेंशन की बात है।

 

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भारत के पास विकल्प क्या हैं?

टीम इंडिया ने प्रो-लीग के पिछले सीजन में PC पर 13 गोल किए थे। इसके मुकाबले फील्ड गोल 16 दागे थे। हालांकि उनमें से 6 गोल पाकिस्तान खिलाफ आए। बाकी टीमों के खिलाफ भारत के 10 फील्ड गोल का औसत 0.62 प्रति गेम रहा। वहीं बेल्जियम ने सबसे ज्यादा 31 फील्ड गोल किए। बेल्जियम के फॉरवर्ड टॉम बून ने ओपन प्ले से 10 गोल दागे थे, जो भारतीय टीम के कुल फील्ड गोल के बराबर था। इससे पहले पता चलता है कि भारत और बाकी टॉप की टीमों में कितना बड़ा अंतर है।

 

भारत के पास मनदीप, अभिषेक, सुखजीत, शिलानंद लाकड़ा और दिलप्रीत सिंह जैसे टैलेंटेड अटैकर हैं। मगर उन्हें टॉप टीमों का मुकाबला करने के लिए बेहतर मौके बनाने होंगे और उससे भी ज्यादा जरूरी गोल करने होंगे। 2024-25 प्रो-लीग के बाद से पिछले तीन बड़े टूर्नामेंट में अभिषेक ने सबसे ज्यादा फील्ड गोल (14) किए हैं। उनके बाद सुखजीत (12), दिलप्रीत (9) और मनदीप (6) का नंबर है।