भारत ने एक मशाल के साथ ही 46वें चेस ओलंपियाड की मेजबानी उज्बेकिस्तान को सौंप दी है। रविवार को दिग्गज चेस खिलाड़ी रहे विश्वनाथन आनंद और ऑल इंडिया चेस फेडरेशन (AICF) के अध्यक्ष नितिन नारंग ने यह मशाल उज्बेकिस्तान के चेस चैंपियन और विश्व विजेता जावोखिर सिंदारोव को यह मशाल सौंपी। अब 16 सितंबर को इस टूर्नाट में का आयोजन उज्बेकिस्तान के समरकंद में शुरू होगा जिसमें दुनियाभर के लगभग 200 खिलाड़ी हिस्सा लेने जा रहे हैं।
इस मौके पर AICF के अध्यक्ष नितिन नारंग ने अपने X पोस्ट में लिखा है, 'जिस मशाल की यात्रा भारत में शुरू हुई अब वह समरकंद जा रही है। विश्वनाथन आनंद के साथ मैंने चेस ओलंपियाड मशाल 2026 के वर्ल्ड चैंपियनशिप चैलेंजर जावोखिर सिंदारोव को सौंपी जो इसे 46वें FIDE चेस ओलंपियाड के लिए उज्बेकिस्तान ले जाएंगे। माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने साल 2022 में भारत में हुए चेस ओलंपियाड के समय यह शानदार पहल शुरू की थी। 4 साल बाद यह मशाल एक महान देश से दूसरे देश में जा रही है।'
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भारत की ओर से कौन-कौन जाएगा?
इस टूर्नामेंट में दुनियाभर के देश अपने-अपने चुनिंदा खिलाड़ी भेजते हैं। भारत की ओर से अर्जुन एरिगैसी, डी गुकेश, प्रज्ञानानंद, विदित गुजरात और निहाल सरीन जा रहे हैं। इस टूर्नामेंट का फ़ॉर्मैट ऐसा है कि हर टीम में कुल 4 खिलाड़ी होंगे और एक रिजर्व खिलाड़ी होगा। हर टीम को एक मैच जीतने पर 2 अंक मिलेंगे। पहले 40 मूव के लिए कुल 90 मिनट मिलेंगे और फिर बाकी के खेल के लिए 30 मिनट का समय होगा।
बता दें कि हंगरी के बुडापेस्ट में चेस ओलंपियाड में भारतीय टीम ने झंडे गाड़े दिए थे और सबसे आगे रही थी। इससे पहले, 2021 और 2022 में भारतीय टीम तीसरे नंबर पर रही थी।
