दिल्ली के फिरोज शाह कोटला मैदान पर साल 2005 में भारत के पूर्व हरफनमौला खिलाड़ी इरफान पठान और श्रीलंका के दिग्गज खिलाड़ी कुमार संगकारा के बीच तीखी बहस हो गई थी। गेंद बदलने को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों ने एक-दूसरे पर निजी टिप्पणियां करनी शुरू कर दीं। हालांकि, अब दोनों के बीच गहरी दोस्ती हो चुकी है। हाल ही में इरफान पठान ने कुमार संगकारा के साथ हुई इस तीखी बहस को याद करते हुए बड़ा खुलासा किया है।
इरफान पठान का कहना है कि एक बार संगकारा इतने नाराज हो गए थे कि उन्होंने भारतीय खिलाड़ियों पर बेइमानी करने का आरोप लगाया था। उस समय संगकारा ने निजी टिप्पणियां करनी शुरू कर दीं, जैसे तुम लोग चीटर हो, तुम्हारे माता-पिता तुम्हें यही सिखाते हैं। इसी को लेकर बहस बढ़ गई थी।
यह भी पढ़ें: 'मुझे नरेंद्र नाम से नफरत है', भारतीय बॉक्सर की किस बात पर PM मोदी हंस पड़े?
कैसे हुई शुरुआत, इरफान पठान ने क्या बताया
इरफान पठान ने बताया कि 2005 में दिल्ली के फिरोज शाह कोटला मैदान पर भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट मैच हो रहा था। उन्हें ओपनिंग करने भेजा गया था और उन्होंने शानदार 93 रन बनाए, उन्होंने मुथैया मुरलीधरन की 2 गेंदों पर दो छक्के भी जड़े थे। लेकिन इस पारी के साथ-साथ कुमार संगकारा से उनकी तीखी बहस भी हुई। क्योंकि पहली पारी के बाद जब भारत गेंदबाजी करने उतरा, तो गेंदों के डिब्बे में कुछ बदलाव हुआ था। इसकी वजह से श्रीलंकाई खिलाड़ी नाराज थे। खासतौर से संगकारा सबसे ज्यादा गुस्से में थे।
तुम लोग चीटर हो, संगकारा से तीखी बहस
इरफान पठान ने बताया कि जब वह बैटिंग करने गए थे तो उन्हें इसके बारे में कुछ पता नहीं था। जैसे ही उन्होंने मुरलीधरन को दो छक्के जड़े संगकारा और भड़क गए। इसके बाद संगकारा ने निजी टिप्पणियां करनी शुरू कर दीं। उन्होंने कहा तुम लोग चीटर हो, तुम्हारे माता-पिता तुम्हें यही सिखाते हैं। बात व्यक्तिगत हो गई और पठान ने भी जवाब दिया। इस बात पर इरफान पठान ने कहा कि शुरुआत संगकारा ने ही की थी। यह नोकझोंक से आगे बढ़कर काफी निजी हो गई थी।
यह भी पढ़ें: सरफराज खान की डेढ़ साल बाद टेस्ट टीम में वापसी, खेलने का मौका मिलेगा या नहीं?
दुश्मनी से दोस्ती तक का सफर
इरफान पठान ने बताया कि बाद में दोनों की मुलाकात मैदान से बाहर आईपीएल में किंग्स इलेवन पंजाब की टीम में हुई। पठान ने बताया कि जब उन्हें पता चला कि वे संगकारा के साथ एक ही टीम में खेलेंगे, तो स्थिति अजीब हो गई थी। उन्होंने कहा कि नीलामी के बाद पता चला कि मैं पंजाब में संगकारा के साथ खेलूंगा। जब मैं उनके परिवार के साथ खाना खा रहा था और समझ नहीं आ रहा था कि क्या करूं। मैंने जाकर उनसे सॉरी बोला। उन्होंने भी माफी मांगी, और फिर हम अच्छे दोस्त बन गए। उन्होंने कहा कि मैदान पर जज्बात ऊंचे होते हैं और गलतियां हो जाती हैं लेकिन असली बात यह है कि आप उन्हें कितनी समझदारी से संभालते हैं।
