मानव सुथार ने गॉल टेस्ट मैच में कहर बरपाते हुए 6 विकेट लेकर श्रीलंका की दूसरी पारी 206 पर समेट दी, जिससे टीम इंडिया ने 165 रन से मुकाबला अपने नाम किया। भारत ने मेजबान टीम के सामने 372 रन का टारगेट रखा था, जिसका पीछा करते हुए वह पांचवें दिन (19 अगस्त) लंच तक 6 विकेट के नुकसान पर 175 रन बना चुकी थी। पहली पारी में शतक जड़ चुके सोनल दिनुशा एक बार फिर जम गए थे। श्रीलंकाई फैंस को उम्मीदें थीं कि वह मैच ड्रॉ करा ले जाएंगे लेकिन विदेशी जमीन पर अपना पहला ही टेस्ट मैच खेल रहे मानव सुथार ने उनके आरमानों पर पानी फेर दिया।

 

इस युवा लेफ्ट आर्म स्पिनर ने लंच के बाद दिनुशा (84) का धैर्य तोड़ा और फिर अलगी 9 गेंद में बाकी बचे 3 विकेट निकाल दिए। उन्होंने पहली पारी में 4 विकेट झटके थे। सुथार ने मैच में 131 रन देकर 10 विकेट लिए, जो श्रीलंकाई सरजमीं पर किसी भारतीय गेंदबाज का बेस्ट बॉलिंग फिगर है। उन्होंने इस साल जून में अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट डेब्यू करते हुए 7 विकेट चटकाए थे। इस तरह उनके नाम 2 टेस्ट मैचों में 17 विकेट हो गए हैं। करियर के शुरुआती 2 टेस्ट मैचों में उनसे ज्यादा विकेट लेने वाले सिर्फ दो ही भारतीय गेंदबाज हैं। नरेंद्र हिरवानी ने अपने शुरुआती 2 टेस्ट में 24 विकेट लिए थे, जबकि अक्षर पटेल ने 18 विकेट चटकाए थे। 

 

सुथार घर और विदेश में अपने पहले ही टेस्ट मैच में 5 विकेट हॉल लेने वाले दूसरे भारतीय गेंदबाज हैं। मोहम्मद निसार ने उनसे पहले यह कारनामा किया था। सुथार ने श्रीलंका की दूसरी पारी के दौरान ओवर में 3 विकेट भी झटके। 2019 के बाद किसी भारतीय गेंदबाज ने टेस्ट क्रिकेट में ऐसा किया। इन आंकड़ो से पता चलता है कि सुथार कितने खतरनाक स्पिनर हैं। गॉल में जीत के बाद भारतीय टीम के उप-कप्तान केएल राहुल ने उनकी खासियतें गिनाईं और कहा कि वह एक्शन में बदलाव किए बिना गेंद की गति में विविधता लाने की अद्भुत क्षमता और सटीकता उन्हें हर तरह की परिस्थितियों में बेहद खतरनाक गेंदबाज बनाती है।

सुथार के बारे में राहुल ने क्या-क्या बताया?

राहुल ने मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा, 'एक ही एक्शन और एक ही कोण से गेंदबाजी करते हुए मामूली बदलाव करना, बिना गति बदले गेंद को धीमा और तेज करना उनकी खासियत है। वह कोण में भी बहुत मामूली बदलाव करते हैं।' उन्होंने कहा कि सुथार ने गॉल में हवा का भी बेहतरीन इस्तेमाल किया। 

 

राहुल ने बताया, 'गॉल में जब हवा एक तरफ से चल रही थी तो उन्होंने ड्रिफ्ट का बहुत अच्छी तरह इस्तेमाल किया। इसके बाद गेंद सीधी हुई या अंदर आई। यह ऐसी चीज है जो वह भारत में भी हमेशा से करते आए हैं।'

'बल्लेबाजों को कुछ अलग करने पर मजबूर करते हैं सुथार' 

राहुल ने कहा कि सुथार की लगातार सही जगह गेंद डालने की क्षमता बल्लेबाजों के लिए परेशानी पैदा करती है। राहुल ने कहा, 'वह एक ही जगह से लगातार गेंदबाजी करते हैं और मामूली बदलावों के जरिए पूरे दिन ऐसा कर सकते हैं। इससे बल्लेबाज सोचने लगता है कि अगर गेंद ज्यादा नहीं घूम रही है तो उसे कुछ अलग करना होगा। जब बल्लेबाज इस तरह की मानसिक स्थिति में होता है तो मुकाबला आपके पक्ष में हो जाता है।'

 

उन्होंने बताया कि सुथार की गेंदबाजी की गति और निरंतरता उनकी सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने कहा, 'वह हमेशा बल्लेबाज को हर तरह से आउट होने की चुनौती देते हैं। जिस लाइन पर वह गेंदबाजी करते हैं, उससे LBW हो सकता है और अगर गेंद थोड़ी घूमी तो विकेट के पीछे कैच भी हो सकता है। यह एक खास टैलेंट है।'