भारत के सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी ने जबरदस्त वापसी करते हुए पहली बार चाइना मास्टर्स सुपर 750 का खिताब अपने नाम कर लिया है। रविवार (6 सितंबर) को खेले गए तीन गेम के रोमांचक फाइनल मुकाबले में सात्विक-चिराग ने चीन के हे जी टिंग और रेन शियांग यू की जोड़ी को 11-21, 21-13, 21-17 से हराया। भारतीय जोड़ी ने इससे पहले 2023 और 2025 में चाइना मास्टर्स में फाइनल तक का सफर तय किया था लेकिन वह खिताब से चूक गई थी।
सात्विक-चिराग ने इस बार मौका हाथ से नहीं जाने दिया और 1 घंटे 10 मिनट तक चले मुकाबले में चीन की दीवार ध्वस्त कर दी। यह भारतीय जोड़ी का इस सीजन का दूसरा खिताब है। इससे पहले उन्होंने सिंगापुर ओपन सुपर 750 का खिताब जीता था और थाईलैंड ओपन सुपर 500 के फाइनल में भी जगह बनाई थी।
यह भी पढ़ें: दलीप ट्रॉफी फाइनल में बवाल... वैभव सूर्यवंशी से भिड़े तिलक वर्मा, VIDEO
एशियन गेम्स से पहले सात्विक-चिराग ने दिखाई फॉर्म
दुनिया की पांचवें नंबर की भारतीय जोड़ी के लिए यह खिताब जापान में 19 सितंबर से पहले होने वाले एशियन गेम्स से पहले आत्मविश्वास बढ़ाने वाला है, जिसमें वे अपने गोल्ड मेडल का बचाव करने उतरेंगे। चाइना मास्टर्स के फाइनल में सात्विक-चिराग का सामना चीन की ऐसी जोड़ी से हुआ, जो लंबे समय तक इंटरनेशनल सर्किट से दूर रहने के कारण रैंकिंग में गिरकर 70वें नंबर पर पहुंच गई थी।
हे जी टिंग के लिए यह वापसी के बाद केवल तीसरा टूर्नामेंट था। उन्होंने चीनी बैडमिंटन संघ की ओर से लगाई गई अनुशासनात्मक निलंबन की सजा पूरी करने के बाद प्रतिस्पर्धी बैडमिंटन में वापसी की है। हालांकि सात्विक और चिराग ने इससे पहले चीन की इस जोड़ी के खिलाफ हुए अपने दोनों मुकाबलों में जीत दर्ज की थी। भारतीय जोड़ी ने फाइनल तक पहुंचने के सफर में तीन गेम के तीन मुकाबले खेले थे। इन सभी मुकाबलों में उन्होंने पहला गेम जीतने के बाद दूसरा गेम गंवाया था।
यह भी पढ़ें: Duleep Trophy: नजरें थीं वैभव पर, विराट की जगह आए इस खिलाड़ी ने मजमा लूट लिया
भारतीय जोड़ी ने गंवाया पहला गेम
सात्विक और चिराग शुरुआत में रैलियों पर नियंत्रण नहीं बना सके। हे जी टिंग और रेन ने तेज और आक्रामक शॉट्स से 5-0 की बढ़त बना ली। उन्होंने आक्रमण जारी रखा जिससे यह बढ़त 8-3 हो गई। भारतीय खिलाड़ियों ने प्रतिद्वंद्वी जोड़ी के डिफेंस को भेदने की कोशिश की लेकिन चीन की जोड़ी ने ब्रेक तक अपनी बढ़त छह अंक की कर ली। भारतीय खिलाड़ी प्रतिद्वंद्वी जोड़ी की गति से तालमेल नहीं बिठा सके और अंतर बढ़कर 7-14 हो गया।
हे जी टिंग शानदार लय में नजर आ रहे थे और लगातार स्मैश लगा रहे थे। फिर चिराग की एक सर्विस गलती ने मुश्किलें और बढ़ा दीं, जिससे चीन की जोड़ी ने बढ़त 17-9 कर दी। इसके बाद चिराग का एक और शॉट बाहर जाने से चीन की जोड़ी ने पहला गेम आसानी से अपने नाम कर लिया लेकिन भारतीय जोड़ी ने दूसरे गेम में काफी बेहतर प्रदर्शन किया। उन्होंने अपनी रैलियों को लंबा खींचना शुरू किया।
यह भी पढ़ें: अफगानिस्तान सीरीज से पहले ईशान किशन ने खेली कप्तानी पारी, फाइनल में जड़ा शतक
सात्विक-चिराग का गजब का कमबैक
सात्विक ने फ्लिक सर्विस का इस्तेमाल किया और प्रतिद्वंद्वी जोड़ी को बार-बार फ्रंट कोर्ट में खेलने से रोका। इस तरह सात्विक और चिराग ने कड़े मुकाबले के बाद 7-6 की बढ़त हासिल कर ली। चिराग के बॉडी स्मैश से भारतीय जोड़ी ने लगातार पांचवां अंक हासिल करते हुए स्कोर 9-6 कर दिया लेकिन सात्विक की सर्विस गलती से उनकी बढ़त का सिलसिला टूट गया। चिराग के स्मैश की मदद से भारत ने ब्रेक तक चार अंक की बढ़त बना ली।
पिछले आठ में से सात अंक भारतीय जोड़ी के खाते में गए थे। जहां पहले गेम में अधिकांश रैलियां 15 शॉट से कम की थीं, वहीं दूसरे गेम में सात्विक और चिराग ने रैलियों को लंबा किया और हे जी टिंग और रेन को हर अंक के लिए अधिक मेहनत करने पर मजबूर किया। भारतीय जोड़ी ने 45 शॉट की एक लंबी रैली को जीतकर बढ़त को 12-8 कर दिया। इसके बाद वे 17-11 से आगे हो गए।
भारतीय जोड़ी को फिर सात गेम-प्वाइंट के मौके मिले और सात्विक ने आक्रामक रिटर्न लगाकर गेम अपने नाम कर लिया। चीन के खिलाड़ियों ने निर्णायक गेम में फिर से लय हासिल कर 4-0 की बढ़त बना ली। फिर उन्होंने इसे बढ़ाकर 7-3 कर दिया। चिराग के स्मैश और हे जी टिंग के गलत शॉट की मदद से भारतीय जोड़ी ने अंतर घटाकर 5-7 कर दिया।
यह भी पढ़ें: US ओपन में हारे युकी भांबरी और माइकल वीनस, अनिरुद्ध चंद्रशेखर भी बाहर
निर्णायक गेम में रोमांच की हदें पार
सात्विक और चिराग ने लगातार चौथा अंक हासिल करते हुए स्कोर 7-7 से बराबर कर दिया। कुछ तेज रैलियों के बाद चीन की जोड़ी ने ब्रेक तक दो अंक की बढ़त बना ली। सात्विक और चिराग ने 11-13 के स्कोर पर मुकाबले में खुद को बनाए रखा। दोनों जोड़ियों के बीच अंक हासिल करने की जोरदार जंग जारी रही।
चीन के खिलाड़ी को रैलियों के दौरान बेहतर प्रदर्शन का फायदा मिल रहा था लेकिन उनकी सर्विस की गलती के बाद भारतीय खिलाड़ी 13-15 से पीछे बने रहे। सात्विक की सर्विस से स्कोर 14-16 हुआ और फिर भारतीय जोड़ी ने जल्द ही 16-16 से बराबरी हासिल कर ली। इसके बाद हे जी टिंग शटल को नेट में लगा बैठे जिससे भारत 18-17 से आगे हो गया। नेट कोर्ड की मदद से भारतीय जोड़ी को तीन मैच प्वाइंट मिले और और चिराग ने जोरदार स्मैश लगाकर खिताब भारत की झोली में डाल दिया।
