उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में महमूदाबाद कोतवाली क्षेत्र के फुलवारीपुर गांव में एक महिला अपने पहले पति और अपने प्रेमी यानी दूसरे पति दोनों के साथ एक ही घर में रहने की जिद पर अड़ी हुई है। इस मामले में पहले पति को अपनी पत्नी और उसके प्रेमी के साथ रहने से कोई परेशानी नहीं है लेकिन परिवार के लोगों के कड़े विरोध के कारण यह पूरा विवाद थाने तक पहुंच गया है। इस घटना की चर्चा पूरे इलाके में हो रही है और इसका वीडियो भी सामने आया है। फुलवारीपुर गांव के रहने वाले शुभम वर्मा की शादी पचदेवरा गांव की रहने वाली अंजू वर्मा के साथ हुई थी। इन दोनों पति-पत्नी के दो बेटियां भी हैं। पति शुभम काम के सिलसिले में अक्सर बाहर रहता था।

 

शुभम के बाहर रहने के दौरान उसकी पत्नी अंजू वर्मा की नजदीकियां पास के ही उनेरा गांव के रहने वाले नितिन विश्वकर्मा नाम के एक युवक से बढ़ने लगीं। दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए। इसके बाद अंजू ने अपने पति शुभम वर्मा के सामने ही मंदिर में जाकर अपने प्रेमी नितिन विश्वकर्मा के साथ शादी कर ली।

 

यह भी पढ़ें: बेंगलुरु अस्पताल में बजे गाने, खूब पार्टी हुई, सोशल मीडिया पर मचा बवाल

साथ रहने को तैयार पहला पति

पहले पति शुभम वर्मा का कहना है कि वह अपनी पत्नी अंजू और नितिन दोनों का साथ नहीं छोड़ेगा। जरूरत पड़ने पर वह अपना घर छोड़ने के लिए भी तैयार है। शुभम, नितिन को भाई मानता है और दोनों के साथ बैठकर खाना खाने की बात भी सामने आई है। शुभम को इस बात से कोई ऐतराज नहीं है कि उसकी पत्नी दोनों के साथ रहे।शुभम को इस बात से कोई ऐतराज नहीं है कि उसकी पत्नी दोनों के साथ रहे।

दोनों के साथ रहने का फैसला

महिला अंजू भी अपनी बात पर पक्की है कि वह अपने पति शुभम और प्रेमी नितिन दोनों के साथ ही एक ही घर में अपना जीवन बिताएगी और बच्चों को भी साथ रखेगी। अंजू का कहना है कि उसने छह महीने पहले ही अपने और नितिन के रिश्ते के बारे में घर वालों को बता दिया था। तब सबने कहा था कि घर में ही तीनों मिलकर रहो लेकिन अब परिवार के दूसरे लोगों और रिश्तेदारों को यह रिश्ता पसंद नहीं है। परिवार के लोग इस बात का विरोध कर रहे हैं कि एक घर में पति और प्रेमी दोनों साथ कैसे रह सकते हैं।

 

परिवार के बीच झगड़ा बढ़ने के बाद शुक्रवार को यह पूरा मामला महमूदाबाद थाने पहुंच गया। पति शुभम वर्मा, पत्नी अंजू वर्मा और प्रेमी नितिन विश्वकर्मा तीनों एक साथ थाने पहुंचे और उनके साथ घर के बाकी लोग भी मौजूद थे। थाने में काफी देर तक बातचीत और बहस होती रही।

 

यह भी पढ़ें: 'तुम बहुत खूबसूरत हो', 'छात्रों की गूंज' में लड़की से क्या बोल गए राहुल गांधी?

थाने में नहीं निकला कोई हल

महमूदाबाद थाने के अधिकारी भानु प्रताप सिंह ने दोनों पक्षों की बात को सुना और इस झगड़े को आपसी बातचीत से शांत कराने की कोशिश की। पुलिस ने तीनों को समझाने की बहुत कोशिश की लेकिन परिवार के विरोध करने और कोई भी अपनी बात से पीछे न हटने के कारण थाने में कोई फैसला नहीं हो सका। पुलिस के सामने अब कोई रास्ता नहीं बचा है, तीनों लोग अपनी मर्जी से साथ रहना चाहते हैं।