रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र के चिड़गांव में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने गुरुवार को किसान, बागवान, पशुपालक, विद्यार्थी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए कई बड़ी घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने मंडी मध्यस्थता योजना (एमआईएस) के तहत सेब का खरीद मूल्य 12 से बढ़ाकर 13 रुपये प्रति किलो करने का एलान किया। वहीं, एक दिसंबर से दूध के समर्थन मूल्य में भी बढ़ोतरी की घोषणा की। संदासू को सिविल अस्पताल का दर्जा देने के साथ जांगला और चिड़गांव के स्कूलों को सीबीएसई से जोड़ने की भी घोषणा की गई।

 

चिड़गांव में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों-बागवानों व पशुपालकों की आय बढ़ाने पर फोकस कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है और प्रदेश की संपदा का इस्तेमाल आम लोगों के हित में किया जा रहा है।

सेब का दाम बढ़ा, अब 13 रुपये किलो

एमआईएस के तहत खरीदे जाने वाले सेब के खरीद मूल्य में एक रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई है। अब बागवानों को सेब के लिए 12 के बजाय 13 रुपये प्रति किलो मिलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने बागवानों के हित में यूनिवर्सल कार्टन व्यवस्था लागू की है और प्राकृतिक खेती के उत्पादों को भी समर्थन मूल्य दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार गांवों की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार कदम उठा रही है। सेब की खरीद कीमत बढ़ाने को इसी नीति का हिस्सा बताया गया।

दूध के दाम में फिर बढ़ोतरी

पशुपालकों के लिए भी मुख्यमंत्री ने बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि एक दिसंबर से दूध के समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछली सरकारों के मुकाबले वर्तमान सरकार ने दूध के समर्थन मूल्य में ऐतिहासिक वृद्धि की है। उन्होंने कहा कि दूध के दाम बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन से जुड़ी महिलाओं और परिवारों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। सरकार का लक्ष्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।

 

मुख्यमंत्री ने रोहड़ू क्षेत्र के लिए कई संस्थागत घोषणाएं भी कीं। संदासू के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को सिविल अस्पताल में स्तरोन्नत करने की घोषणा की गई। वहीं समरकोट में सब-तहसील खोलने का एलान किया गया। चिड़गांव में एसडीएम कार्यालय खोलने के लिए सर्वे करवाने और जांगला तथा चिड़गांव के स्कूलों को सीबीएसई स्कूल बनाने की घोषणा भी मुख्यमंत्री ने की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए सरकार सीबीएसई स्कूलों के साथ स्कूल ऑफ एक्सीलेंस पर भी काम कर रही है। प्रदेश में 300 स्कूल ऑफ एक्सीलेंस बनाए जा रहे हैं।

 

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1.36 लाख कर्मचारियों को पेंशन, महिलाओं को 1500 रुपये

मुख्यमंत्री ने सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने 1.36 लाख सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल की है और भविष्य में अन्य कर्मचारियों को भी इसके दायरे में लाया जाएगा। उन्होंने ‘अपना परिवार सुखी परिवार’ योजना के तहत पात्र महिलाओं को 1500 रुपये मासिक पेंशन देने तथा पात्र परिवारों को 300 यूनिट बिजली उपलब्ध करवाने की बात कही।

 

आपदा प्रभावित परिवारों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आपदा के दौरान 23 हजार घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए। इन परिवारों के लिए सरकार ने आर्थिक सहायता को डेढ़ लाख से बढ़ाकर साढ़े सात लाख और अब आठ लाख रुपये किया है।

भ्रष्टाचार पर सुक्खू का हमला, बोले- संपदा लूटने नहीं देंगे

मुख्यमंत्री ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि वर्तमान सरकार भ्रष्टाचार के ‘चोर दरवाजे’ बंद कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली भाजपा सरकार के दौरान उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाया गया, जबकि कांग्रेस सरकार प्रदेश की संपदा का इस्तेमाल आम जनता के हित में कर रही है।

 

उन्होंने कहा कि जब तक वह मुख्यमंत्री हैं, प्रदेश की संपदा को न लूटने दिया जाएगा और न ही लुटने दिया जाएगा। मुख्यमंत्री कार्यालय को लेकर भाजपा के सवालों पर उन्होंने कहा कि यह आम जनता की समस्याओं के समाधान का कार्यालय है।

 

मुख्यमंत्री ने वाइल्ड फ्लावर हॉल और जेएसडब्ल्यू मामलों में सर्वोच्च न्यायालय में प्रदेश के हितों की पैरवी तथा किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना को लेकर सरकार की उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि किशाऊ परियोजना से हिमाचल के खजाने में करीब 1200 से 1500 करोड़ रुपये की आय होने की संभावना है।

 

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शिक्षा पर भी सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2021 में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में हिमाचल 21वें स्थान पर था, जबकि सरकार के प्रयासों से अब प्रदेश पांचवें स्थान पर पहुंचा है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई शुरू की गई है। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में 150 से अधिक सीबीएसई स्कूल खोले गए हैं और इनमें 1500 अध्यापकों की नियुक्ति की गई है। रोहड़ू के एक स्कूल में सीबीएसई व्यवस्था लागू होने के बाद एक साल में विद्यार्थियों की संख्या में 500 से अधिक की वृद्धि होने का भी उन्होंने उल्लेख किया। 

 

इस अवसर पर स्थानीय विधायक मोहन लाल ब्राक्टा, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष शिवपाल ठाकुर, उपायुक्त अनुपम कश्यप, पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह सहित पंचायत प्रतिनिधि, महिला मंडलों और स्वयं सहायता समूहों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।