बिहार में रेल ओवर ब्रिज (ROB) और रेल अंडर ब्रिज (RUB) के निर्माण में तेजी लाने के लिए सरकार ने सख्ती शुरू कर दी है। पथ निर्माण मंत्री ई. कुमार शैलेंद्र ने विभागीय कार्यालय में दोनों परियोजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने साफ निर्देश दिया कि सभी प्रोजेक्ट तय समय में और अच्छी गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। काम में लापरवाही या बिना वजह देरी करने वाली एजेंसियों पर नियम के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। बैठक में बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड और NHAI के अधिकारी और इंजीनियर मौजूद रहे। मंत्री ने एक-एक प्रोजेक्ट की भौतिक और वित्तीय प्रगति की समीक्षा की।
मंत्री ने पटना, सीतामढ़ी, सारण, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर, बेगूसराय, दरभंगा, समस्तीपुर, औरंगाबाद, गया समेत कई जिलों में चल रहे ROB, RUB और पहुंच पथ निर्माण कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान ROB के अलाइनमेंट, रेलवे के साथ तालमेल, डिजाइन की मंजूरी, यूटिलिटी शिफ्टिंग, जमीन अधिग्रहण, एप्रोच रोड और कनेक्टिविटी से जुड़े मामलों पर चर्चा हुई। कहां काम अटका है और किन कारणों से देरी हो रही है इसका पूरा ब्यौरा लिया गया।
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मंत्री ने कहा, 'कई जगह रेलवे से GAD अप्रूवल, डिजाइन क्लीयरेंस और जमीन अधिग्रहण के कारण काम धीमा है।' इन सभी लंबित मामलों को जल्द सुलझाने का निर्देश दिया गया। संबंधित एजेंसियों के साथ बेहतर तालमेल बनाकर योजनाओं को समय पर पूरा करने को कहा गया।
55 में से 8 ROB तैयार
बैठक में बताया गया कि बिहार राज्य पुल निर्माण निगम की ओर से बनाए जा रहे 55 ROB में से 8 का निर्माण पूरा हो चुका है जबकि 42 परियोजनाओं पर काम तेजी से चल रहा है। इसके अलावा NHAI की 18 निर्माणाधीन ROB और RUB परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने निर्देश दिया कि सभी परियोजनाओं को तय समय के अंदर अच्छी गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। जिन परियोजनाओं में जमीन अधिग्रहण, अतिक्रमण, वन विभाग की मंजूरी या रेलवे से तालमेल से जुड़ी समस्या है उन्हें संबंधित जिला प्रशासन और रेलवे अधिकारियों के साथ मिलकर जल्द सुलझाया जाए।
मंत्री शैलेंद्र ने कहा कि ROB-RUB प्रोजेक्ट में सबसे बड़ी परेशानी रेलवे के साथ तालमेल को लेकर होती है। GAD की मंजूरी और डिजाइन क्लीयरेंस में देरी होने से पूरा प्रोजेक्ट अटक जाता है। इसलिए अधिकारियों को रेलवे के साथ लगातार संपर्क में रहने और हर 15 दिन में प्रगति की रिपोर्ट लेने का निर्देश दिया गया। उन्होंने अधिकारियों से नियमित रूप से साइट का निरीक्षण करने और प्रगति रिपोर्ट मुख्यालय को देने को कहा। उन्होंने कहा, 'सिर्फ कार्यालय में बैठकर रिपोर्ट नहीं लेनी है बल्कि मौके पर जाकर काम की वास्तविक स्थिति भी देखनी है।'
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बिहार में रेलवे नेटवर्क काफी घना है। कई राष्ट्रीय और राज्य राजमार्ग रेलवे लाइन को क्रॉस करते हैं। रेलवे फाटक बंद होने पर लंबा जाम लग जाता है। इससे समय और ईंधन दोनों की बर्बादी होती है। ROB और RUB बनने से जाम की समस्या कम होगी। इससे दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी और लोगों का सफर आसान होगा। सरकार का फोकस इन परियोजनाओं को समय पर पूरा करने पर है।
