बिहार की राजधानी पटना के बाढ़ अनुमंडल क्षेत्र के बेढ़ना गांव में कथित जहरीली शराब पीने से चार युवकों की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। घटना के बाद कृषि मंत्री विजय सिन्हा सोमवार को मृतकों के परिवार वालों से मिलने गांव पहुंचे। उन्होंने परिवार वालों को हरसंभव मदद का भरोसा देते हुए कहा कि जहरीली शराब मौत की वजह हो या नहीं, सरकार चारों मृतकों के परिवारों की मदद करेगी।

 

मंत्री ने कहा कि मौत की असली वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही साफ होगी। अगर जांच में जहरीले पेय पदार्थ या शराब से मौत की पुष्टि होती है तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं। घटना के बाद गांव में मातम पसरा है और मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

 

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बेढ़ना गांव से है मंत्री का पुराना जुड़ाव

मृतकों के परिवार वालों से मुलाकात के बाद मंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि बेढ़ना गांव से उनका भावनात्मक जुड़ाव है। उन्होंने बताया कि उन्होंने इसी गांव के स्कूल से पढ़ाई की है और यहीं की मिट्टी में उनका बचपन बीता है। मंत्री ने कहा कि गांव में इस तरह की घटना नहीं होनी चाहिए। ग्रामीणों की ओर से बताया गया है कि चारों युवक एक साथ नॉनवेज पार्टी कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने किसी पेय पदार्थ का सेवन किया, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। हालांकि, जहरीली शराब थी या नहीं, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

 

मंत्री ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति अवैध तरीके से इस तरह का धंधा कर रहा है तो उसे किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन को मामले की पूरी जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

 

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पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चलेगी मौत की वजह

जानकारी के मुताबिक, चारों युवकों की अचानक तबीयत बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए। इसके बाद परिजन और ग्रामीण उन्हें आनन-फानन में बाढ़ अनुमंडलीय अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने शरुआती इलाज के बाद चारों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें पटना रेफर कर दिया। पटना ले जाने के दौरान चारों की मौत हो गई। मौत की खबर फैलते ही परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। लोगों ने बख्तियारपुर-मोकामा फोरलेन को जाम कर हंगामा किया। कई घंटे तक सड़क पर आवागमन प्रभावित रहा। बाद में पुलिस ने लोगों को समझाकर जाम हटवाया।

 

मंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की वजह स्पष्ट होगी। उन्होंने बाढ़ के SDM को मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह पता लगाने को कहा गया है कि कथित जहरीली शराब कहां से आया और इसे किसने उपलब्ध कराया। अगर अवैध कारोबार सामने आता है तो उससे जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच की जाएगी।

 

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अस्पताल की व्यवस्था की भी होगी जांच

मंत्री ने कहा कि घटना के समय अस्पताल में कौन-कौन अधिकारी और कर्मचारी ड्यूटी पर थे, इसकी भी जानकारी ली जाएगी। मरीजों को किस डॉक्टर ने रेफर किया और एंबुलेंस समय पर मिली या नहीं, इसकी भी जांच होगी। अगर इलाज या मरीजों को रेफर करने में किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।

 

उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर उनकी जिलाधिकारी, SDM और स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव से बात हुई है। मंत्री के मुताबिक, चारों मृतकों के परिवार आर्थिक रूप से कमजोर हैं, इसलिए सरकार की ओर से उन्हें सहायता दिलाने का प्रयास किया जाएगा। 

 

विजय सिन्हा ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल में जहरीले पेय या शराब से मौत के मामलों में 4 लाख रुपये की सहायता का प्रावधान किया गया था। यदि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शराब से मौत की पुष्टि होती है तो संबंधित योजना के तहत परिवारों को यह सहायता मिल सकती है। हालांकि, मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर पोस्टमार्टम में शराब की पुष्टि नहीं होती है, तब भी चारों परिवारों की मदद के लिए मुख्यमंत्री से बात की जाएगी। उन्होंने कहा कि जहरीला पेय मौत की वजह हो या न हो, सरकार चारों परिवारों की मदद करेगी।