भारतीय जनता पार्टी आगामी पंजाब विधानसभा चुनाव पूरी ताकत के साथ लड़ने का मन बना चुकी है। पार्टी के तमाम नेताओं ने साफ कर दिया है कि बीजेपी राज्य की सभी 117 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी। इसके साथ ही बीजेपी अब नशे के मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी की राज्य सरकार पर हमला बोल रही है। आज पंजाब में बीजेपी ने 'नशा मुक्त पंजाब यात्रा की शुरुआत कर दी है।' इस यात्रा के जरिए बीजेपी पंजाब के सभी 117 विधानसत्रा क्षेत्रों को कवर करेगी और लोगों के बीच नशे के मुद्दे को रखेगी। बीजेपी इस मुद्दे के जरिए पंजाब में अपने लिए राजनीतिक जमीन तैयार करने की कोशिश कर रही है।
‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ कोई एक यात्रा नहीं, बल्कि चार अलग-अलग यात्राओं का अभियान है, जो करीब 4,000 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों तक पहुंचेगा। बीजेपी के इस अभियान का समापन 30 सितंबर को जालंधर में होगा। यहां केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के शामिल होने और समापन रैली को संबोधित करने का कार्यक्रम है। बीजेपी के तमाम बड़े नेता इस यात्रा में शामिल होंगे और बीजेपी की ओर से आगामी विधानसभा चुनावों के लिए इसे औपचारिक शुरुआत भी माना जा रहा है।
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पठानकोट से शुरू हुई यात्रा
बीजेपी पंजाब के बॉर्डर एरिया में सबसे मजबूत रही है और पठानकोट पार्टी का मजबूत किला है। पार्टी ने अपनी इस यात्रा की शुरुआत के लिए इसी जगह को चुना है। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने आज इस यात्रा की पठानकोट से शुरुआत की। यह यात्रा पठानकोट से आगे गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर, कपूरथला और जालंधर के कई विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी।इस रूट में सुजानपुर, पठानकोट, भोआ, दीनानगर, गुरदासपुर, कादियां, बटाला, डेरा बाबा नानक, अजनाला, अटारी, अमृतसर की पांचों सीटें, तरनतारन, खेमकरण, पट्टी, फिरोजपुर, जीरा, सुल्तानपुर लोधी, कपूरथला, नकोदर और शाहकोट समेत कुल 34 विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं।
फतेहगढ़ साहिब से दूसरी यात्रा
बीजेपी कल दूसरी यात्रा की शुरुआत करेगी जो गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब से शुरू होगी। इस यात्रा के लिए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को फ्लैग ऑफ करने की जिम्मेदारी दी गई है।
जालंधर में समापन से पहले यह यात्रा समराला, पायल, खन्ना, अमलोह, फतेहगढ़ साहिब, बस्सी पठाना, डेरा बस्सी, एस.ए.एस. नगर, खरड़, चमकौर साहिब, रोपड़, आनंदपुर साहिब, गढ़शंकर, चब्बेवाल, होशियारपुर, शाम चौरासी, दसूहा, मुकेरियां, उर्मुर, आदमपुर, बलाचौर, नवांशहर, बंगा और फगवाड़ा विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी।
फाजिल्का से तीसरी यात्रा
तीसरी यात्रा 20 सितंबर को फाजिल्का के सादिकी बॉर्डर स्थित 1971 युद्ध स्मारक से शुरू होगी और केंद्रीय केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल इस यात्रा को हरी झंडी दिखाएंगे। यह यात्रा फाजिल्का, अबोहर, मुक्तसर, बठिंडा, फरीदकोट, मोगा, लुधियाना और मालेरकोटला के क्षेत्रों से गुजरेगी। इस रूट में करीब 22 विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं। यह यात्रा फाजिल्का, बल्लुआना, अबोहर, जलालाबाद, श्री मुक्तसर साहिब, मलोट, गिद्दड़बाहा, जैतो, कोटकपूरा, फरीदकोट, बाघा पुराना, निहाल सिंह वाला, धर्मकोट, मोगा, जगरांव, रायकोट, दाखा, मलेरकोटला, अमरगढ़, गिल, साहनेवाल और लुधियाना शहरी विधानसभा क्षेत्रों को कवर करेगी।
चौथी यात्रा
चौथी यात्रा 21 सितंबर को तलवंडी साबो के गुरुद्वारा श्री दमदमा साहिब से शुरू होगी और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान इस यात्रा को हरी झंडी दिखाएंगे। यह यात्रा तलवंडी साबो, मौड़, रामपुरा फूल, भुच्चो मंडी, बठिंडा ग्रामीण, बठिंडा शहरी, मानसा, सरदूलगढ़, बुढलाडा, भदौड़, बरनाला, महल कलां, धूरी, संगरूर, सुनाम, दिड़बा, लहरागागा, शुतराना, नाभा, पटियाला ग्रामीण, पटियाला शहरी, सनौर और राजपुरा विधानसभा क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। इन चारों यात्राओं का समापन 30 सितंबर को जालंधर में होगा और इस अवसर पर बीजेपी एक बड़ी रैली का आयोजन करेगी। इस रैली को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संबोधित करेंगी।
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बंगाल की तर्ज पर जीत का प्लान
भारतीय जनता पार्टी ने इस साल पश्चिम बंगाल में पहली बार अपनी सरकार बनाई है। पंजाब की ही तरह बंगाल में भी बीजेपी का जनाधार नहीं था लेकिन अब बीजेपी वहां सत्ता में है। ऐसे में बीजेपी को उम्मीद है की पार्टी पंजाब में भी सरकार बना सकती है और यहां बंगाल की तर्ज पर ही काम किया जा रहा है। बंगाल में बीजेपी ने ममता बनर्जी की सरकार के खिलाफ ‘परिवर्तन यात्रा’ निकाली थी। अब पंजाब में भी बीजेपी उसी मॉडल पर काम कर रही है और पार्टी ने राज्य का सबसे बड़ा मुद्दा उठाया है। पंजाब के ज्यादातर गांवों में नशे का असर देखने को मिलता है और यह पिछले कई चुनावों से राज्य का सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है। अब बीजेपी इसी के सहारे पंजाब के लोगों तक पहुंच बनाने की कोशिश कर रही है।
