उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले की अदालत ने अमरिया थाना क्षेत्र के माधोपुर गांव में 9 साल की मासूम अनम की हत्या के मामले में सख्त फैसला सुनाया है। अदालत ने विरोधी को झूठे मुकदमे में फंसाने की नीयत से सगी बेटी की हत्या करने वाले पिता अनीश को अंतिम सांस तक आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
वहीं इस साजिश में शामिल चार अन्य दोषियों शादाब, नसीम, सलीम और शहजादे को भी आजीवन कारावास का दंड दिया गया है। सभी पांचों आरोपियों पर 22-22 हजार रुपये (कुल 1.10 लाख रुपए) का अर्थदंड भी लगाया गया है।
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क्या है पूरा मामला?
यह घटना पीलीभीत के अमरिया थाना क्षेत्र के 2 दिसंबर 2022 माधोपुर गांव का है। जहां पांच दोषियों साथ पिता ने मिलकर 9 साल की मासूम बेटी की हत्या की थी। अभियोजन अधिकारी देवेंद्र कुमार बताया कि अनीश और उसके भाई शादाब के खिलाफ गांव के साकिल ने दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था।
दोनों के खिलाफ वारंट जारी होने के बाद आरोपी पक्ष साकिल पर मुकदमा वापस लेने का लगातार दबाव बना रहा था। साकिल के इनकार करने पर उसे हत्या के झूठे मामले में फंसाने की योजना बनाई गई और अनीश की 9 वर्षीय बेटी अनम को इसका मोहरा बनाया गया।
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पिता ने बेटी को मार डाला
आरोपी बच्ची को उर्स मेले में ले गए थे और लौटते समय रास्ते में उसे खेत में नींद की गोली खिलाई गई। बच्ची के अचेत होने के बाद उसके पिता अनीश ने उसके सिर पर ईंट से वार किया और फिर चाकू से गोदकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को पराली में छिपाने के बाद पिता ने खुद थाने जाकर बेटी के लापता होने की झूठी तहरीर दी।
जांच के दौरान सामने आया कि हत्या किए जाने के दौरान बच्ची जब तड़प रही थी। तब पिता उसे अस्पताल ले जाने के बजाय उसका वीडियो बना रहा था। पुलिस ने साक्ष्यों, फॉरेंसिक रिपोर्ट और गवाहों के बयानों के आधार पर साकिल को निर्दोष पाए जाने के बाद उसका नाम मामले से हटा दिया गया और पांचों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। इसके बाद अदालत ने मामले की सुनवाई पूरी की और दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई।
