उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में गुरुवार को हुई मूसलाधार बारिश ने पूरे शहर में तबाही मचा दी। भारी बारिश के चलते शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया, जिसके कारण अलग-अलग हादसों में दो बच्चों समेत कुल 5 लोगों की जान चली गई। ये दर्दनाक हादसे इंदिरापुरम, लोनी बॉर्डर, मसूरी, मोदीनगर और विजयनगर थाना क्षेत्रों में हुए। शहर की सड़कों पर इतना पानी भर गया कि वाहन रेंगते नजर आए और जल निकासी की व्यवस्था पूरी तरह फेल साबित हुई जिसके कारण लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी।

 

इंदिरापुरम थाना क्षेत्र के ज्ञानखंड-1 इलाके के एक पार्क में बारिश का बहुत पानी भर गया था। वहां पास में ही बिजली का एक ट्रांसफार्मर लगा था, जिससे पानी में करंट उतर आया था। इसी दौरान, पास की एक सोसाइटी में चौकीदार का काम करने वाला एक युवक वहां से गुजरा और पानी में उतरे करंट की चपेट में आ गया था। स्थानीय लोगों ने जब उसे पानी में पड़ा देखा तो हड़कंप मच गया था। लोगों ने तुरंत बिजली विभाग को फोन किया और शटडाउन कराया था। इसके बाद युवक को अस्पताल ले जाया गया था लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था।

 

यह भी पढ़ें: पत्नी नहीं ला सकी दहेज, बेटी को जन्म दिया, पति ने गला घोंटकर मार डाला

लोनी में नाले में मिली लाश

लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र की इंद्रापुरी कॉलोनी में भारी बारिश के कारण हालात इतने बिगड़ गए थे कि नालों का गंदा पानी सड़कों पर बहने लगा था। गुरुवार सुबह करीब 10 बजे सड़क पर 45 साल के एक व्यक्ति का शव तैरता हुआ मिला था। राहगीरों ने तुरंत पुलिस को इस बात की सूचना दी थी। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। हालांकि, दुख की बात यह थी कि अभी तक उस व्यक्ति की पहचान नहीं हो सकी थी और पुलिस इसकी जांच कर रही थी।

 

दिल्ली-मेरठ मार्ग पर गांव अबूपुर के पास 'कन्नन ग्रीन' नाम की एक सोसाइटी बन रही थी। भारी बारिश के चलते इस निर्माणाधीन सोसाइटी की चारदीवारी पास में ही बनी झुग्गी-झोपड़ियों पर अचानक गिर गई थी। उन झुग्गियों में एक दर्जन से भी ज्यादा लोग सो रहे थे। इस दर्दनाक हादसे में बिहार के छपरा जिले के गांव मढ़ौरा निवासी 45 वर्षीय मजदूर अजीत राय की मलबे के नीचे दबकर मौत हो गई थी, जबकि एक दूसरा मजदूर भी घायल हो गया था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था और परिजनों को घटना की सूचना दे दी थी।

विजयनगर में 3 साल की मासूम की डूबकर मौत

विजयनगर क्षेत्र की सर्वोदय नगर कॉलोनी की गली नंबर-16 में सुमित ठाकुर अपने परिवार के साथ किराए पर रहा करता था। सुमित मूल रूप से फर्रुखाबाद जिले के सिरौली गांव का रहने वाला था और यहां सब्जी का ठेला लगाकर परिवार का पेट पाला करता था। गुरुवार शाम करीब 4 बजे उसकी 3 साल की छोटी बेटी मानवी उर्फ पल्लवी खेलते हुए घर के बाहर निकल गई थी। कॉलोनी की गलियां पूरी तरह पानी से भरी थीं और नालियां ओवरफ्लो हो रही थी जिस कारण सड़क और नाले का कोई अंतर नहीं दिख रहा था। मासूम मानवी को इसका अंदाजा नहीं हुआ और वह गहरे पानी में फिसल गई थी। काफी मशक्कत के बाद उसे पानी से बाहर निकाला गया था और तुरंत अस्पताल ले जाया गया था लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था।

मुआवजे की मांग

विजयनगर में बच्ची की मौत के बाद वहां के लोग काफी गुस्से में थे। घर वालों और गांव के लोगों का कहना था कि उन्होंने नालों की सफाई के लिए कई बार शिकायत की थी लेकिन प्रशासन ने कोई ध्यान नहीं दिया। मुआवजे और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर लोगों ने एनएच-9 हाईवे पर जाम लगा दिया था। इससे हाईवे पर गाड़ियों की लंबी लाइन लग गई और ट्रैफिक पूरी तरह रुक गया था। मौके पर पहुंची पुलिस और अधिकारियों ने लोगों को समझाया। करीब चार घंटे की बातचीत और मुआवजे का भरोसा मिलने के बाद, रात 8 बजे लोग शांत हुए और उन्होंने जाम हटाया।

 

यह भी पढ़ें: काम के बहाने 25 हजार में बेची मां और दो बेटियां, पुलिस ने ऐसे बचा लिया

 

वसुंधरा सेक्टर-13 में एक निर्माणाधीन साइट के पास तेज बारिश की वजह से सड़क का किनारा धंस गया था। वहां खड़ी एक कार और एक स्कूटी पानी और मलबे के गहरे गड्ढे में गिर गई थी। इसके अलावा मसूरी इलाके में भी पानी में डूबने से एक और बच्चे की मौत हो गई थी। पूरे जिले में पानी भर जाने की वजह से गाड़ियां बहुत धीरे चल रही थी और लोग प्रशासन को बुरा-भला कह रहे थे। लोगों का कहना था कि बारिश से पहले नालों की सफाई और पानी निकालने के इंतजाम को लेकर उन्होंने शिकायत की थी लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं सुनी थी। लोगों ने मांग की थी कि इन हादसों के लिए जो अधिकारी जिम्मेदार थे, उन पर कार्रवाई होनी चाहिए।