हिमाचल प्रदेश में सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे युवाओं और लंबित कर्मचारी मामलों को लेकर सरकार की अगली कैबिनेट बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में 7 अक्तूबर को मंत्रिमंडल की बैठक होने के आसार हैं। इससे पहले 11 सितंबर और 5 अक्तूबर को प्रस्तावित कैबिनेट बैठकें स्थगित हो चुकी हैं। ऐसे में अब सरकार की प्रस्तावित बैठक पर कर्मचारियों, बेरोजगार युवाओं और विभिन्न विभागों की निगाहें टिकी हैं।
इस बैठक में विभिन्न विभागों में रिक्त पदों को भरने, भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और कर्मचारियों से जुड़े मामलों पर महत्वपूर्ण चर्चा हो सकती है। हालांकि, अंतिम एजेंडा बैठक से पहले आधिकारिक रूप से सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि किन प्रस्तावों पर निर्णय लिया जाएगा।
चर्चा में है JE के 500 से 600 पदों का प्रस्ताव
कैबिनेट से पहले भर्ती को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा जूनियर इंजीनियर के संभावित बड़े भर्ती अभियान की है। रिपोर्ट के अनुसार, सरकार भर्ती निदेशालय के माध्यम से करीब 500 से 600 जूनियर इंजीनियरों की भर्ती करने की तैयारी में है। चयनित अभ्यर्थियों को जरूरत के अनुसार, विभिन्न विभागों, बोर्डों और निगमों में तैनाती देने का प्रस्ताव सामने आया है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य अलग-अलग विभागों में रिक्तियों के लिए बार-बार भर्ती प्रक्रिया चलाने के बजाय एक साझा भर्ती व्यवस्था को प्रभावी बनाना बताया जा रहा है। यदि कैबिनेट से प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो तकनीकी क्षेत्र में रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं के लिए यह बड़ा अवसर हो सकता है।
यह भी पढ़ें: दुर्गम गांव काशा पाट में CM सुक्खू ने बिताई रात, 2 करोड़ का तोहफा दिया
चार हजार शिक्षकों की भर्ती का प्रस्ताव भी अहम
कैबिनेट के संभावित एजेंडे में नए CBSE स्कूलों से जुड़ा प्रस्ताव भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 100 नए सीबीएसई स्कूलों को कन्वर्ट करने और इनमें करीब 4,000 शिक्षकों की भर्ती से संबंधित मामला भी मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जा सकता है।
इस प्रस्ताव पर निर्णय होने की स्थिति में शिक्षा क्षेत्र में बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। साथ ही सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता और स्कूलों के स्वरूप को लेकर भी इसका असर पड़ सकता है। कैबिनेट बैठक में कर्मचारियों से जुड़े लंबित मामलों पर भी चर्चा की संभावना है। विभिन्न विभागों की ओर से भेजे गए सेवा संबंधी प्रस्ताव, पदों के सृजन और भर्ती से संबंधित मामलों को एजेंडे में शामिल किया जा सकता है। हालांकि किसी भी कर्मचारी सुविधा, वित्तीय लाभ या सेवा शर्त में बदलाव को लेकर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। सरकार के लिए यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सितंबर में प्रस्तावित बैठक नहीं हो सकी और इसके बाद 5 अक्तूबर की बैठक भी टल गई। अब अगर 7 अक्तूबर को बैठक होती है तो कई लंबित प्रस्तावों को आगे बढ़ाने का मौका मिलेगा।
'अपना परिवार सुखी परिवार' की गाइडलाइन में भी बदलाव संभव
संभावित बैठक में सरकार की 'अपना परिवार सुखी परिवार' योजना की गाइडलाइन में संशोधन पर भी विचार होने की जानकारी सामने आई है। हाल ही में सरकार ने योजना से जुड़ी कुछ शर्तों में बदलाव किए थे। इसके बाद मिले फीडबैक के आधार पर नियमों में और संशोधन की संभावना जताई जा रही है। कैबिनेट बैठक का सबसे बड़ा असर उन युवाओं पर पड़ सकता है जो लंबे समय से सरकारी भर्तियों का इंतजार कर रहे हैं।
जेई भर्ती और शिक्षकों के हजारों पदों से जुड़े प्रस्ताव आगे बढ़ते हैं तो रोजगार के लिहाज से सरकार के लिए यह बड़ा फैसला होगा। हालांकि कितने पदों पर भर्ती होगी, पात्रता क्या होगी और आवेदन प्रक्रिया कब शुरू होगी, यह सब कैबिनेट के अंतिम निर्णय और संबंधित विभागों की अधिसूचना के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल 7 अक्तूबर की संभावित बैठक को लेकर नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं से लेकर सरकारी कर्मचारियों तक की नजरें सरकार के अगले फैसलों पर टिकी हैं।
