उत्तर प्रदेश के आगरा में पुलिस प्रशासन ने सड़क दुर्घटना को कम करने के लिए अहम कदम उठाया है। पुलिस प्रशासन ने सड़क हादसे रोकने के लिए एक नया डिजिटल मॉडल अपनाया है। गूगल मैप शेयर किया जा रहा है, जिसके जरिए लोगों को पहले ही आगाह किया जा रहा है  कि आगे खतरा है या नहीं। अगर सड़क पर खतरा होगा तो 500 मीटर पहले ही गाड़ी चालक को पता चल जाएगा कि उन्हें आगे खतरा है। यह गूगल मैप जिले के 208 दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में लोगों के साथ शेयर किया गया है, ताकि लोग सड़क दुर्घटना से बच सकें।

 

आगरा के डीएम मनीष ने 1 सितंबर को जिला सड़क सुरक्षा समिति के साथ बैठक की थी। बैठक में सड़क दुर्घटना को लेकर बातचीत हुई थी। अधिकारियों ने बताया कि सड़क दुर्घटना को रोकने के लिए गूगल मैप का इंतजाम किया गया है। जिसके जरिए लोगों को मैसेज मिल जाएगा कि सड़क पर आगे खतरा है, जिससे लोग गाड़ी की स्पीड कम कर दें। इस व्यवस्था से सड़क हादसे घटेगा।

 

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खतरे का मिलेगा अलर्ट

आगरा में सड़क हादसे को रोकने के लिए एक नई योजना बनाई गई है। अब गाड़ी चलाने वाले लोगों को ज्यादा दुर्घटना होने वाली सड़क का पता पहले ही मिल पा रही है। साथ ही गड्ढे वाली सड़क के बारे में भी लोगों को  पहले ही जानकारी चल जा रहा है।

 

सड़क के मोड़ और सड़क के जोखिम का भी पहले ही पता चल जाएगा। अगर सड़क पर आगे कोई खतरा होगा तो व्यक्ति के फोन स्क्रीन पर खतरे का मैसेज मिल जाएगा, जिसे देखकर व्यक्ति अपनी गाड़ी संभलकर चलाने लगेगा। आगरा पुलिस और यातायात विभाग ने सड़क हादसों को देखते हुए 208 जगहों को चुना है, जहां जाने वाले लोगों को पहले ही सड़क की स्थिति का पता किया जा सकता है।

 

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आगरा में सड़क दुर्घटनाएं घटीं

1 सितंबर की बैठक में परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सड़क हादसे कम हुए हैं। जहां 2025 के जनवरी से जुलाई में 865 सड़क हादसे हुए थे, वहीं 2026 में जनवरी से जुलाई तक 732 सड़क हादसे हुए। 2025 में सड़क हादसों में मरने वाले लोगों की संख्या 459 थी, जो 2026 में 430 है। इससे साफ होता है कि 2025 की तुलना में 2026 में सड़क हादसों में 15.4 फीसदी की कमी आई है।