उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में एक केस को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। मलिहाबाद पुलिस की एक दबिश अब सवालों के घेरे में है। चोरी के जेवर खरीदने के मामले में वारंट लेकर शाहजहांपुर पहुंचे मलिहाबाद थाने के पुलिसकर्मियों पर सर्राफ उमेश गुप्ता की मौत के बाद हत्या का गंभीर आरोप लगा है। घरवालों का कहना है कि मंगलवार रात पुलिसकर्मी उमेश के घर में घुसे, उन्हें पकड़कर छत पर ले गए और मारपीट के बाद छत से नीचे फेंक दिया।
घटना में उमेश की मौत हो गई। परिवार ने पुलिसकर्मियों पर तलाशी के नाम पर घर से जेवर और नकदी ले जाने का आरोप भी लगाया है। मामले ने तूल पकड़ा तो 6 अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या की धारा में मुकदमा दर्ज किया गया। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच से साफ होगा कि दबिश के दौरान आखिर क्या हुआ था।
मामला दिसंबर 2025 में मलिहाबाद के फजल ज्वेलर्स में हुई चोरी से जुड़ा है। चोरी के जेवर खरीदने के मामले में शाहजहांपुर निवासी सर्राफ उमेश गुप्ता उर्फ गुड्डू का नाम विवेचना में सामने आया था। इसी प्रकरण में लखनऊ की अपर सिविल जज अदालत से उनके खिलाफ वारंट जारी हुआ था। मंगलवार रात करीब ढाई बजे मलिहाबाद थाने की पुलिस टीम वारंट तामील कराने के लिए शाहजहांपुर के निगोही थाना क्षेत्र स्थित उमेश के घर पहुंची थी।
पत्नी का आरोप- पुलिसकर्मियों ने छत से फेंका
उमेश की पत्नी संतोष कुमारी ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि देर रात 6 पुलिसकर्मी घर में घुसे और उमेश को अपने साथ छत पर ले गए। आरोप है कि वहां उनके साथ मारपीट की गई और इसके बाद उन्हें छत से नीचे फेंक दिया गया। नीचे गिरने से उमेश गंभीर रूप से घायल हुए और उनकी मौत हो गई।परिजनों का आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने कार्रवाई के दौरान घर की तलाशी भी ली। तलाशी के नाम पर जेवर और नकदी ले जाने का आरोप लगाया गया है। परिवार ने पुलिस की कार्रवाई और दबिश के तरीके पर भी सवाल उठाए हैं।
यह भी पढ़ें: अवैध डेयरियां हटाने पहुंची टीम पर हमला, दरोगा को बुरी तरह पीटा
वारंट दिखाने को लेकर हुआ विवाद
घरवालों के मुताबिक पुलिसकर्मियों से वारंट दिखाने को कहा गया तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने दरवाजा तोड़ने की धमकी दी और इसके बाद जबरन घर में प्रवेश किया। परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई को लेकर स्थानीय अधिकारियों से शिकायत की।सर्राफ की मौत की खबर फैलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों और परिजनों की भीड़ जुट गई।
सूचना पर स्थानीय पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। परिवार ने कार्रवाई की मांग करते हुए शव का पंचनामा भरने से इनकार कर दिया। अधिकारियों के समझाने और कार्रवाई का भरोसा दिए जाने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।बुधवार दोपहर करीब 12 बजे सीओ शुभम वर्मा और प्रभारी निरीक्षक राजीव कुमार मौके पर पहुंचे। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
छह अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा
मामले में बुधवार शाम निगोही थाने में छह अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या की धारा में प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की यह दबिश दिसंबर 2025 में मलिहाबाद के फजल ज्वेलर्स में हुई चोरी की जांच से जुड़ी थी। चोरी के जेवर खरीदने के आरोप में उमेश गुप्ता का नाम सामने आया था। बताया गया कि इसी आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू हुई और बाद में अदालत से वारंट जारी हुआ। मंगलवार रात इसी वारंट को तामील कराने मलिहाबाद पुलिस शाहजहांपुर पहुंची थी।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुलेगा मौत का राज
अब मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट सबसे अहम मानी जा रही है। पुलिस अधीक्षक सौरभ दीक्षित ने कहा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। जांच में दबिश के दौरान मौजूद पुलिसकर्मियों की भूमिका, घटनास्थल की परिस्थितियों और सर्राफ की मौत की वजह को भी देखा जाएगा।
यह भी पढ़ें: चांदी का कवर हटाकर जलाभिषेक की मांग, कांवड़ियों ने जाम कर दिया रोड तो मचा हंगामा
पुलिस कार्रवाई पर उठे गंभीर सवाल
सर्राफ की मौत के बाद अब मलिहाबाद पुलिस की दबिश पर कई सवाल खड़े हो गए हैं। आखिर वारंट तामील कराने पहुंची पुलिस के सामने ऐसी स्थिति कैसे बनी कि एक व्यक्ति की जान चली गई? क्या दबिश के दौरान नियमों का पालन किया गया था? पुलिसकर्मियों और परिजनों के बीच क्या हुआ? इन सवालों के जवाब जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे। फिलहाल हत्या का मुकदमा दर्ज होने के बाद पूरे मामले की जांच पर सभी की नजर है।
