पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के तारातला इलाके में बुधवार को एक निर्माणाधीन गोदाम का शेड गिरने की दर्दनाक घटना सामने आई थी। इस हादसे में अबतक कुल 11 लोग  अपनी जान गंवा चुके हैं। हादसे के 21 घंटे बाद भी बचाव दल, सेना की उन्नत ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार (जीपीआर) सिस्टम की मदद से मलबे को हटाने का काम चल रहा है। अधिकारियों का कहना है कि समय के साथ में मरने वालों की संख्या बढ़ सकती है।

 

बचाव अभियान में लगे अधिकारियों के अनुसार, गुरुवार की सुबह गोदाम के मलबे से पांच और लोगों को सुरक्षित निकाला गया। प्रशासन अब तक मलबे से 30 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल चुका है। यह गोदाम कोलकाता में श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट के स्वामित्व वाली पट्टे पर दी गई जमीन पर बनाया जा रहा था। 

जान गंवाने वाले कौन लोग हैं?

इस दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान कृष्णा चौधरी (30), रोहित चौधरी (40), राहुल चौधरी (17), चंद्रमा चौधरी (60), पप्पू रजक (40), असगर हुसैन (55), साहिल सरदार (17) और घी कुमार (17) के रूप में हुई है, जबकि तीन अन्य मृतकों की पहचान अभी नहीं हो सकी है।

 

यह भी पढ़ें: 'मेरा और केजरीवाल का मास्क बनवाया गया', वायरल वीडियो पर मान का बड़ा दावा

 

घायलों का इलाज कर रहे एसएसकेएम अस्पताल के सूत्रों के अनुसार, गुरुवार सुबह एक और व्यक्ति ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। अधिकारियों ने बताया कि सभी पीड़ितों का जानकारी जुटाने और उनकी आधिकारिक पुष्टि करने के प्रयास जारी हैं।

बचाव अभियान में कौन-कौन जुटा

राहत और बचाव कार्य पूरी रात जारी रहा और इसकी निगरानी स्वास्थ्य सचिव नारायण स्वरूप निगम, कोलकाता पुलिस कमिश्नर अजय नंदा और कोलकाता नगर निगम कमिश्नर स्मिता पांडेय सहित राज्य सरकार और नागरिक प्रशासन के सीनियर अधिकारियों ने की। कोलकाता नगर निगम के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे।

 

 

 

युद्ध स्तर बचाव अभियान

राज्य सरकार के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि मलबे में दबे लोगों का पता लगाने के लिए उपलब्ध सभी संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है। अधिकारी ने कहा, 'बचाव अभियान युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है। संभावित जीवित लोगों का पता लगाने के लिए सेना के ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार (जीपीआर), कैमरों और अन्य विशेष उपकरणों सहित उन्नत संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। हमारी प्राथमिकता लोगों की जान बचाना और घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है।'

 

यह भी पढ़ें: 'कागभुशुंडि, तीर-धनुष सब रखा हुआ है...', अब पुजारी शिव दास ने दी सफाई

बचाव दल कैमरे भी इस्तेमाल कर रहा

मलबे में दबे लोगों का पता लगाने के लिए बचाव दल कैमरे भी इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके साथ ही, जिन लोगों के मोबाइल फोन अब भी सक्रिय हैं, उनकी स्थिति का पता लगाने के लिए मोबाइल फोन टावर के आंकड़ों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि बचाए गए 19 लोगों का इलाज एसएसकेएम अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है।

 

अधिकारियों ने बताया कि इस घटना के सिलसिले में अब तक कम से कम पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें गोदाम के मालिक शंभूनाथ बेहरा, संरचनात्मक अभियंता कमल सामंत, गुलजार हुसैन, दिबाकर भंडारी तथा अब्दुल हमीद शामिल हैं। कोलकाता पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ स्वतः संज्ञान लेते हुए गैर-इरादतन हत्या तथा अन्य संबंधित धाराओं के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की है।