पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में एक नवविवाहित युवक की आत्महत्या ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवार का आरोप है कि पत्नी के मायके जाने के बाद युवक लगातार उसे वापस लाने की कोशिश करता रहा। परिवार परामर्श केंद्र में उसने पत्नी को साथ भेजने के लिए हाथ जोड़े, पैर तक पकड़े लेकिन ससुराल पक्ष नहीं माना। इसके बाद हुए समझौते और कथित बेइज्जती से आहत होकर युवक ने फंदे पर लटककर जान दे दी।

 

घटना के बाद मृतक के परिजन ने कोतवाली के बाहर शव रखकर हंगामा किया। पुलिस ने पत्नी समेत नौ लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज किया है।

 

जानकारी के अनुसार, बागपत शहर के कोर्ट रोड निवासी दीपक (23) दिल्ली के एक अस्पताल में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करता था। उसकी शादी इसी साल मार्च में नंगला जाफराबाद निवासी गुड्डी से हुई थी, जो एक निजी अस्पताल में स्टाफ नर्स है। परिजन का आरोप है कि शादी के बाद से ही दोनों के बीच तनाव शुरू हो गया था। 

 

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क्यों शुरू हुआ विवाद?

परिवार का कहना है कि दीपक को पत्नी के किसी अन्य युवक से संपर्क को लेकर आपत्ति थी, जिसको लेकर दोनों के बीच कई बार विवाद भी हुआ। परिवार के मुताबिक, विवाद के बाद पत्नी अपने मायके चली गई। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच बातचीत और समझौते की कोशिशें हुईं लेकिन मामला सुलझ नहीं सका। आरोप है कि इस दौरान शिकायतों और आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी चलता रहा, जिससे दीपक मानसिक रूप से परेशान रहने लगा।

 

सोमवार को दोनों पक्षों को परिवार परामर्श केंद्र बुलाया गया था। परिजन का आरोप है कि वहां दीपक ने पत्नी को साथ भेजने के लिए काफी अनुरोध किया। उसने हाथ जोड़कर और पैर पकड़कर भी गुहार लगाई लेकिन ससुराल पक्ष नहीं माना। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच समझौते की प्रक्रिया हुई, जिससे दीपक खुद को अपमानित महसूस कर रहा था। परिजन के अनुसार मंगलवार सुबह दीपक घर की छत पर गया था। कुछ देर बाद उसका शव पंखे से लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

 

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कोतवाली पर शव रखकर किया प्रदर्शन

आत्महत्या के बाद परिजन ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। उनका कहना था कि मुकदमा दर्ज किए बिना अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर कोतवाली पहुंच गए और वहां प्रदर्शन किया। कई घंटे तक चले हंगामे के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने मृतक के भाई की तहरीर पर पत्नी, उसके पिता और अन्य परिजन समेत नौ लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर कार्रवाई होगी।

 

पुलिस के अनुसार, फिलहाल सभी आरोपों की जांच की जा रही है। परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों और दूसरे पक्ष के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।